जयपुर: राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव के तीसरे चरण में 27 जिलों की जिला परिषदों और 116 पंचायत समितियों के सदस्यों के चुनाव में 69 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार, जिला परिषदों में 69.41 प्रतिशत और पंचायत समितियों में 69.31 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
इस चरण में पंचायत समितियों का मतदान प्रतिशत पिछले आम चुनाव की तुलना में 5.75 प्रतिशत अधिक रहा। वर्ष 2020-21 के पंचायत आम चुनाव में इन पंचायत समितियों में 63.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इस बार मतदान में हुई बढ़ोतरी को चुनावी प्रक्रिया में मतदाताओं की बढ़ी भागीदारी के रूप में देखा जा रहा है।
बांसवाड़ा में सबसे अधिक मतदान
जिला परिषदों के मतदान आंकड़ों में बांसवाड़ा जिला 81.30 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद हनुमानगढ़ में 78.36, खैरथल-तिजारा में 76.99, प्रतापगढ़ में 76.10 और बीकानेर में 75.36 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, ब्यावर में सबसे कम 57.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
अन्य जिलों में भरतपुर में 71.67, बूंदी में 71.74, जयपुर में 72.85, चूरू में 73.08, कोटपुतली-बहरोड़ में 73.62, गंगानगर में 74.52 और डीग में 72.59 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके अलावा दौसा में 64.94, उदयपुर में 64.94, सीकर में 67.73, जालोर में 66.74 और धौलपुर में 66.85 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले।
इस चरण में 27 जिला परिषदों के 377 वार्डों में सदस्यों के चुनाव के लिए कुल 1,305 उम्मीदवार मैदान में थे।
पंचायत समितियों में भी दिखा उत्साह
116 पंचायत समितियों में बांसवाड़ा जिले की नाहरपुरा पंचायत समिति में सर्वाधिक 83.86 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि बालोतरा जिले की समदड़ी पंचायत समिति में सबसे कम 52.13 प्रतिशत वोट पड़े। इन पंचायत समितियों के 2,119 वार्डों में कुल 7,789 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, तीसरे चरण के चुनाव की मतगणना निर्धारित कार्यक्रम के तहत 20 नवंबर को कराई जाएगी। इसके बाद चुनाव परिणामों से जिला परिषदों और पंचायत समितियों में प्रतिनिधियों की स्थिति स्पष्ट होगी।







