पटना (बिहार): बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है। चुनाव में कुल 150 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि 5.33 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। विभिन्न राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की नजरें मतदान के साथ-साथ आगामी मतगणना पर भी टिकी हैं।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, आठ सीटों में चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक निर्धारित है। मतगणना 27 अक्टूबर को होनी है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 60 उम्मीदवार मैदान में हैं।
पटना स्नातक सीट पर प्रमुख मुकाबला
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव की प्रमुख चर्चित सीटों में शामिल है। यहां जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नीरज कुमार, जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के दिलीप कुमार सहित अन्य प्रत्याशी मैदान में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जदयू विधायक अनंत सिंह द्वारा जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह को समर्थन दिए जाने की चर्चा ने इस सीट को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है। नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच हाल के दिनों में हुई बयानबाजी भी चर्चा में रही है।
पटना और दरभंगा शिक्षक सीटों पर नजर
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद के संजीव कुमार सिंह, भाजपा से जुड़े नवल किशोर यादव और जन सुराज की दिव्या ज्योति सहित अन्य प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। इस सीट पर शिक्षक मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा और जदयू के प्रो. घनश्याम राय के बीच मुकाबला बताया जा रहा है। इसके अलावा कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र समेत अन्य सीटों पर भी उम्मीदवार मतदाताओं का समर्थन हासिल करने के लिए प्रयासरत हैं।
मतदान की प्रक्रिया और महत्व
स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की प्रक्रिया सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होती है। स्नातक मतदाता अपनी पसंद के उम्मीदवारों के सामने वरीयता अंक लिखते हैं। इस चुनाव में स्नातक और शिक्षक वर्ग से जुड़े मतदाताओं की भागीदारी अहम है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन आठ सीटों के लिए 933 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
अब मतदान के बाद 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर सभी की नजरें रहेंगी। इसके परिणाम से विभिन्न दलों के प्रदर्शन और स्नातक तथा शिक्षक मतदाताओं के रुझान की जानकारी मिलेगी।







