काशी में सजेगा 17वां भाषा उत्सव, ‘विकसित भारत’ होगी थीम
17th Language Festival to be held in Kashi; ‘Viksit Bharat’ to be the theme.

वाराणसी। काशी में भाषायी सौहार्द, साहित्यिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लंका स्थित इंटरनेशनल हिंदू स्कूल में 17वें भाषा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष उत्सव की थीम ‘विकसित भारत’ रखी गई है। कार्यक्रम में हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी और जर्मन भाषाओं में विभिन्न प्रस्तुतियों के जरिए विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. सुमन कुमार मिश्र ने बताया कि भाषा उत्सव संस्थान का प्रमुख वार्षिक आयोजन है। विद्यालय पिछले 16 वर्षों से लगातार इस उत्सव का आयोजन करता आ रहा है। इसमें शहर के सीबीएसई, आईसीएसई और उत्तर प्रदेश बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों के विद्यार्थियों को आमंत्रित किया जाता है। विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं अपनी रचनात्मक, साहित्यिक और भाषायी प्रस्तुतियों के माध्यम से इसमें भाग लेते हैं।

GNSU Admission Open 2026

भाषाओं के प्रति सम्मान बढ़ाना उद्देश्य

डॉ. मिश्र ने कहा कि भाषा उत्सव का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में साहित्यिक, सामाजिक और भाषायी चेतना विकसित करना है। इसके साथ ही विभिन्न भाषाओं और उन्हें बोलने वाले लोगों के प्रति सम्मान, सहयोग और सद्भाव की भावना को मजबूत करना भी आयोजन का अहम लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भाषायी चुनौतियां कई बार सामाजिक सद्भाव और आपसी समझ को प्रभावित करती हैं। ऐसे में भाषा उत्सव विभिन्न भाषाओं के बीच संवाद स्थापित करने और सांस्कृतिक विविधता को समझने का अवसर प्रदान करता है। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को अलग-अलग भाषाओं की विशेषताओं से परिचित कराने के साथ उनमें परस्पर सम्मान की भावना भी विकसित करते हैं।

भारतीय संस्कृति के साथ वैश्विक दृष्टिकोण पर जोर

विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि संस्थान भारतीय मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए विद्यार्थियों को वैश्विक नागरिक के रूप में तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक समझ के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।

भाषा उत्सव इसी सोच को आगे बढ़ाने का एक मंच है, जहां विद्यार्थी अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ भाषायी विविधता और सांस्कृतिक एकता का महत्व भी समझ सकेंगे।

कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. जयशंकर झा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके शामिल होने से आयोजन को शैक्षणिक और साहित्यिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।