
वाराणसी (उत्तर प्रदेश): भारतीय वायु सेना के 94 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वाराणसी के नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को भव्य एयर शो आयोजित किया जाएगा। ‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम पर आधारित इस हवाई प्रदर्शन में करीब 100 विमान अपनी क्षमता और करतबों का प्रदर्शन करेंगे। राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे।
इस एयर शो का उद्देश्य भारतीय वायु सेना की हवाई शक्ति, आधुनिक तकनीक और परिचालन क्षमता का प्रदर्शन करने के साथ युवाओं को प्रेरित करना है। गंगा के ऊपर होने वाला यह प्रदर्शन स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए रोमांचक अनुभव साबित हो सकता है।
52 लड़ाकू विमान और 32 हेलीकॉप्टर होंगे शामिल
आयोजन में कुल 100 विमान हिस्सा लेंगे। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल हैं। विमानों का संचालन देश के 12 वायु अड्डों से किया जाएगा। सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी अपने विशेष करतब दिखाएंगी। भारतीय वायु सेना के गरुड़ विशेष बल के जवान भी प्रदर्शन में भाग लेंगे।
हेलीकॉप्टरों में अपाचे, चिनूक, एलसीएच, एएलएच, चेतक और एमआई-17 वी5 जैसे विमान शामिल होंगे। वहीं, सी-17 ग्लोबमास्टर, सी-295, सी-130 और एएन-32 सहित परिवहन विमान भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। भारतीय थल सेना और नौसेना के चुनिंदा विमान भी इस संयुक्त आयोजन में हिस्सा लेंगे।
गंगा के ऊपर दिखेंगे आकर्षक फॉर्मेशन
एयर शो में ‘काशी’ फॉर्मेशन विशेष आकर्षण होगा। इसमें तीन किरण विमान विजय के प्रतीक ‘वी’ आकार में उड़ान भरते हुए गंगा के ऊपर तिरंगे के रंगों का प्रदर्शन करेंगे। ‘ओंकार’ फॉर्मेशन में एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और वायु सेना का ध्वज लेकर उड़ान भरेंगे, जबकि ‘गंगा’ फॉर्मेशन में तीन चेतक हेलीकॉप्टरों से पुष्पवर्षा की जाएगी।
इसके अलावा ‘केदार’ फॉर्मेशन में राफेल, ‘हनुमान’ में सुखोई-30 एमकेआई और ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन में तीन राफेल विमान हवाई करतब दिखाएंगे। ‘प्रचंड’ फॉर्मेशन में छह अलग-अलग लड़ाकू विमानों की संयुक्त उड़ान वायु सेना की युद्धक क्षमता और समन्वय को प्रदर्शित करेगी।
स्वदेशी तेजस भी दिखाएगा दम
स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान तेजस ‘अस्सी’ कॉलसाइन के तहत कम ऊंचाई पर एरोबेटिक करतब दिखाएगा। वहीं, ‘दशाश्व’ फॉर्मेशन में सी-17 ग्लोबमास्टर नौ सूर्यकिरण विमानों का नेतृत्व करते हुए फ्लाईपास्ट करेगा।
यह आयोजन भारतीय वायु सेना की तकनीकी क्षमता, वायु योद्धाओं के कौशल और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय को प्रदर्शित करेगा।






