कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में मंगलवार को सभी का ध्यान दक्षिण कोलकाता के भबानी भवन स्थित आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के मुख्यालय पर रहेगा। जिसमें मुख्य प्रश्न यह होगा कि क्या तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी पेश होंगे। क्या हस्ताक्षर बेमेल मामले में पूछताछ का सामना करेंगे। दरअसल, यह मामला तृणमूल के कुछ विधायकों की ओर से शिकायत किए जाने के बाद दर्ज किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में प्रस्तुत आधिकारिक दस्तावेजों पर कई विधायकों के हस्ताक्षर जाली थे। कानूनी जानकारों का मानना है कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को लगातार तीसरी बार समन भेजा गया है। अगर वह इस बार भी हाजिर नहीं होते हैं, तो सीआईडी उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर हो जाएगी।
हालांकि, कानूनी जानकारों का कहना है कि इस मामले में उनके पक्ष में एक कानूनी सुरक्षा कवच भी मौजूद है, जो कि बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश अवकाशकालीन पीठ के सामने उनकी याचिका पर निर्धारित सुनवाई है। जिसमें उन्होंने सीआईडी के समन को चुनौती दी है। इसके साथ ही गिरफ्तारी सहित पुलिस की जबरदस्ती कार्रवाई के खिलाफ अंतरिम सुरक्षा की मांग की है। पिछले सप्ताह अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसमें मामले की जल्द सुनवाई की अपील की गई थी। न्यायमूर्ति चैताली चटर्जी दास की एकल अवकाशकालीन पीठ ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली, लेकिन त्वरित सुनवाई की अपील को खारिज कर दिया। पहली सुनवाई की तारीख 10 जून तय की।
30 मई को जारी किए गए पहले नोटिस में अभिषेक बनर्जी को 1 जून को सीआईडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए पेश होने के लिए कहा गया था। हालांकि, 1 जून को ही उन्होंने सीआईडी को एक पत्र भेजकर 15 दिन का समय मांगा, जिसमें उन्होंने 30 मई की दोपहर को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में हुए हमले के बाद स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला दिया। इसके बाद सीआईडी ने उन्हें दूसरा नोटिस जारी कर 8 जून को दोपहर तक पूछताछ के लिए पेश होने को कहा। हालांकि, 8 जून को अभिषेक बनर्जी ममता बनर्जी के साथ नई दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक में भाग ले रहे थे, और उन्होंने पूछताछ के लिए पेश होने के लिए और समय मांगा। फिर, 8 जून की दोपहर को, सीआईडी ने उन्हें तीसरा नोटिस दिया जिसमें उन्हें मंगलवार को शाम 5 बजे तक अपने मुख्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया था।







