काठमांडू: नेपाल के गोरखा जिले में बुधीगंडकी नदी में आई भीषण बाढ़ ने पर्यटन कारोबार और स्थानीय लोगों की आजीविका को भारी नुकसान पहुंचाया है। धारचे और चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के कई इलाके बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। यारुखोला से दोभान तक ट्रैकिंग सीजन की तैयारी कर रहे होटल कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है। बाढ़ में 20 से अधिक होटल और कई घर तबाह हो गए हैं, जबकि पुलों और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से पर्यटकों की आवाजाही भी बाधित हुई है।
धारचे ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर-1 के अध्यक्ष राम सिंह गुरुंग के अनुसार, बाढ़ में चार पैदल पुल और एक मोटर वाहन पुल बह गए हैं। नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले करीब एक हजार लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि ट्रैकिंग सीजन के दौरान पर्यटकों से अच्छी कमाई की उम्मीद थी, लेकिन बाढ़ ने कई परिवारों के घर और रोजगार छीन लिए।
24 घर पूरी तरह नष्ट, कई परिवार बेघर
यारुखोला और दोभान के बीच बाढ़ से 24 घर पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 15 अन्य मकानों को नुकसान पहुंचा है। इसके कारण 76 लोग बेघर हो गए और 70 अन्य लोगों पर विस्थापन का खतरा बना हुआ है। वार्ड अध्यक्ष ने अपने क्षेत्र में करीब 10 करोड़ नेपाली रुपये के नुकसान का अनुमान जताया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही राहत सामग्री उनकी जरूरतों के मुकाबले अपर्याप्त है।
चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर-3 में भी 23 परिवारों के घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, प्रभावित लोगों को सहायता की जरूरत है। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से राहत सामग्री पहुंचाने में भी परेशानी हो रही है। जगत के प्रमुख बाजार केंद्र टल्लो बगर में कई होटलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे पर्यटन पर निर्भर लोगों की आय प्रभावित हुई है।
ट्रैकिंग मार्ग क्षतिग्रस्त, पर्यटक फंसे
बाढ़ से मनास्लु क्षेत्र के ट्रैकिंग मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके कारण कुछ पर्यटकों को यात्रा बीच में छोड़नी पड़ी, जबकि कई पर्यटक रास्तों के बाधित होने से फंस गए। मनास्लु संरक्षण क्षेत्र परियोजना के सूचना अधिकारी भुवन ओझा के अनुसार, जगत में पंजीकृत 97 पर्यटकों में से 12 को वापस भेज दिया गया है, जबकि अन्य पर्यटक वहां फंसे हुए थे। चुम घाटी में मौजूद 19 विदेशी पर्यटकों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया।
प्रशासन ने शुरू किया राहत अभियान
बाढ़ से आरुघाट ग्रामीण नगरपालिका और धादिंग जिले के कुछ इलाके भी प्रभावित हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, अस्थायी आश्रय सामग्री, कपड़े और स्वच्छता संबंधी जरूरी सामान भेजे हैं। प्राधिकरण के प्रवक्ता राम बहादुर केसी के अनुसार, फिलहाल खोज, बचाव और राहत अभियान का शुरुआती चरण जारी है। स्थिति का आकलन करने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।
स्थानीय लोगों के लिए फिलहाल क्षतिग्रस्त पुलों और सड़कों की मरम्मत, राहत सामग्री की उपलब्धता और ट्रैकिंग मार्गों को दोबारा खोलना प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।







