हरदोई में डेयरी पर छापा, 38 हजार लीटर संदिग्ध दूध के टैंकर सीज
Dairy raided in Hardoi; tankers containing 38,000 liters of suspicious milk seized.

हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के संडीला औद्योगिक क्षेत्र में दूध में मिलावट की सूचना पर प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने एक डेयरी पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दो टैंकरों में भरे करीब 38 हजार लीटर संदिग्ध दूध का मामला सामने आया। अधिकारियों ने दूध के नमूने लेकर दोनों टैंकरों को सीज कर दिया है। डेयरी परिसर से कई प्रकार के रसायन भी बरामद किए गए हैं, जिनके इस्तेमाल से दूध में मिलावट किए जाने की आशंका जताई गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संडीला औद्योगिक क्षेत्र स्थित डेयरी में मिलावटी दूध तैयार किए जाने की सूचना स्थानीय अधिकारियों को मिली थी। इसके बाद क्षेत्राधिकारी श्लोक गौतम और उपजिलाधिकारी नारायणी भाटिया के नेतृत्व में प्रशासन, पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच अभियान चलाया।

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छापेमारी के दौरान डेयरी परिसर में रखे दो दूध टैंकरों की जांच की गई। इनमें करीब 38 हजार लीटर दूध होने की जानकारी सामने आई। दूध की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर अधिकारियों ने दोनों टैंकरों को सीज कर दिया, ताकि जांच पूरी होने तक दूध का इस्तेमाल या वितरण न किया जा सके।

दूध और रसायनों के नमूने जांच के लिए भेजे

कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दूध के सात नमूने एकत्र किए। इसके अलावा डेयरी परिसर में मिले विभिन्न रसायनों के नमूने भी लिए गए हैं। सभी नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि दूध निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है या उसमें किसी तरह की मिलावट की गई है।

डेयरी का मालिक प्रदीप गुप्ता बताया जा रहा है। हालांकि, दूध में मिलावट की पुष्टि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल प्रशासन और खाद्य विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।

जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में दूध में मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित पक्ष के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और लोगों के स्वास्थ्य के लिए संभावित जोखिम को रोकना है। फिलहाल दोनों टैंकरों को सीज कर दिया गया है और प्रशासन की नजर जांच रिपोर्ट पर बनी हुई है।