
मास्को। रूस और जापान के बीच पहले से जारी तनाव के बीच जासूसी के संदेह में एक जापानी पत्रकार को हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा है कि इस घटना से दोनों देशों के संबंधों का माहौल और खराब हो सकता है। उन्होंने जापान से रूस के प्रति अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने और कथित शत्रुतापूर्ण गतिविधियां बंद करने का आग्रह किया है।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग में पहले ही गिरावट आई है। ऐसे में जापानी पत्रकार की गिरफ्तारी से द्विपक्षीय संबंधों में तनाव और बढ़ने की आशंका है। उन्होंने जापान से अपने रुख में बदलाव लाने की अपील करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में संबंधों को लेकर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
सखालिन क्षेत्र में हिरासत में लिया गया पत्रकार
इससे पहले रूसी संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) ने जानकारी दी थी कि उसने सखालिन क्षेत्र में जासूसी के संदेह में जापानी समाचार पत्र ‘होक्काइडो शिंबुन’ के एक संवाददाता को हिरासत में लिया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पत्रकार की पहचान और मामले से जुड़े विस्तृत साक्ष्यों का उल्लेख नहीं किया गया है।
इस घटनाक्रम के बाद रूस और जापान के बीच कूटनीतिक संबंधों को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है। रूस की ओर से इस मामले को दोनों देशों के बीच सहयोग में आई व्यापक गिरावट के संदर्भ में देखा जा रहा है।
द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है असर
मारिया ज़खारोवा ने कहा कि रूस और जापान के संबंधों में मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस तरह की घटनाएं आपसी विश्वास को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने जापान से अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
जापानी पत्रकार की हिरासत से जुड़े आरोपों और उनके समर्थन में उपलब्ध साक्ष्यों पर विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, रूसी पक्ष के बयान ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब रूस और जापान के बीच सहयोग तथा आपसी संबंधों को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं। आने वाले समय में इस मामले पर दोनों देशों की प्रतिक्रिया द्विपक्षीय संबंधों की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है।






