रूस-अमेरिका वार्ता पर रयाबकोव का बयान, यूक्रेन पर दबाव को बताया जरूरी
Ryabkov's statement on Russia-US talks; terms pressure on Ukraine necessary.

मास्को। रूस और अमेरिका के बीच यूक्रेन संघर्ष को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां जारी हैं। रूसी उप-विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत के नतीजों ने तनाव बढ़ाने के समर्थकों को चौंका दिया है। उन्होंने कहा कि रूस राजनीतिक समाधान के पक्ष में है और आगे भी बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने का प्रयास करता रहेगा।

रयाबकोव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दोनों राष्ट्रपतियों के बीच टेलीफोन पर हुई चर्चा का परिणाम अप्रत्याशित रहा। उनके मुताबिक, कई लोग संघर्ष को और बढ़ाने के पक्ष में हैं, लेकिन रूस बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की नीति पर कायम है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दूसरा पक्ष राजनीतिक समाधान के लिए तैयार नहीं होता है, तो रूस अपने उद्देश्यों को सैन्य तरीकों से हासिल करने की कोशिश करेगा। इससे बातचीत में विरोधी पक्ष की स्थिति कमजोर हो सकती है।

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रूस-अमेरिका के बीच नई बैठक की संभावना

रूसी उप-विदेश मंत्री ने बताया कि यूक्रेन के मुद्दे पर रूस अमेरिका के साथ संपर्क बनाए हुए है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इन चर्चाओं से जुड़ी जानकारियों को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि वर्ष समाप्त होने से पहले दोनों देशों के बीच मतभेदों पर चर्चा के लिए एक और बैठक हो सकती है।

रयाबकोव के अनुसार, रूस और अमेरिका की अपनी-अपनी प्राथमिकताएं हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच होने वाली बैठकें निरर्थक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि रूस के पास बातचीत की मेज पर रखने के लिए कई प्रस्ताव हैं।

यूक्रेन पर दबाव को बताया जरूरी

रयाबकोव ने रूस, अमेरिका और यूक्रेन से जुड़ी संभावित त्रिपक्षीय बैठक के बारे में कहा कि इस दिशा में अभी कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेन पर प्रभाव रखने वाले देशों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और कीव पर पर्याप्त दबाव बनाए बिना बातचीत में प्रगति करना मुश्किल होगा।

रूस ने प्रतिबंधों के बीच काम करना सीखा

यूरोपीय देशों के प्रतिबंधों पर टिप्पणी करते हुए रयाबकोव ने बेल्जियम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों की योजनाएं आम यूरोपीय नागरिकों को भी प्रभावित कर सकती हैं। उनके अनुसार, रूस ने प्रतिबंधों के बीच काम करना काफी पहले सीख लिया है।

रयाबकोव के बयान से स्पष्ट है कि यूक्रेन संघर्ष को लेकर रूस बातचीत का रास्ता खुला रखने की बात कर रहा है, लेकिन साथ ही अपनी सैन्य और कूटनीतिक रणनीति पर भी जोर दे रहा है।