नयी दिल्ली। देश के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली सहित कई क्षेत्रों में आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तेज झोंकों के दौरान हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। पंजाब में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है। इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश की आशंका
आईएमडी ने हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। उत्तराखंड में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। राजस्थान के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में आंधी-तूफान आ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बिहार समेत कई राज्यों में बारिश
बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश होने का अनुमान है। बिहार के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में बिजली चमकने तथा तेज हवाएं चलने की आशंका है। पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और अन्य राज्यों में भी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह
मौसम में बदलाव को देखते हुए आईएमडी ने किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित स्थान पर रखने या खेत में तिरपाल से ढकने की सलाह दी है। तेज हवाओं से नुकसान रोकने के लिए सब्जियों, छोटे फलदार पौधों और फल देने वाले पेड़ों को सहारा देने का सुझाव भी दिया गया है।
पंजाब और हरियाणा में फसल कटाई तथा खरीद के समय बारिश से उपज के परिवहन और भंडारण में परेशानी आ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे कुछ क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।







