Nearly 1 crore rupees embezzled using fake teacher IDs in Bhagalpur! Education Department computer operator accused.

भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले में शिक्षा विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का कथित दुरुपयोग कर सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है। विभागीय जांच के अनुसार, फर्जी शिक्षक आईडी बनाकर करीब एक करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई। मामले में संविदा पर कार्यरत रहे कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश की भूमिका सामने आने के बाद विभाग ने उसके खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की है।

डिजिटल रिकॉर्ड के मिलान में खुला मामला

जानकारी के मुताबिक, शिक्षकों के वेतन भुगतान और सेवा संबंधी डेटा के प्रबंधन के लिए शिक्षा विभाग का आधिकारिक डिजिटल सिस्टम इस्तेमाल किया जाता है। आरोप है कि कंप्यूटर ऑपरेटर ने सिस्टम तक अपनी पहुंच का अनुचित लाभ उठाकर कई फर्जी शिक्षक आईडी तैयार कीं और उनके माध्यम से सरकारी राशि की अवैध निकासी की।

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मामले का खुलासा तब हुआ, जब जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना शशि चंदन चौधरी शिक्षकों के वेतन भुगतान, सेवा पुस्तिका और बजट आवंटन से जुड़े दस्तावेजों तथा डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान कर रहे थे। सत्यापन के दौरान संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। इसके बाद विस्तृत जांच में कथित वित्तीय अनियमितता का पता चला।

जून में ही काम से हटाया गया था ऑपरेटर

विभागीय जानकारी के अनुसार, कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश की कार्यशैली पर पहले भी संदेह जताया गया था। इसी वर्ष जून में उसे काम से हटा दिया गया था। हालांकि, हालिया ऑडिट और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के दौरान उसके कार्यकाल से जुड़ी कथित अनियमितताओं के साक्ष्य सामने आए।

साइबर पुलिस करेगी खातों की जांच

गुरुवार को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना शशि चंदन चौधरी ने कथित लेनदेन के विवरण और तकनीकी साक्ष्यों के साथ साइबर थाने में आवेदन सौंपा। पुलिस अब फर्जी आईडी, लॉग-इन रिकॉर्ड और संबंधित बैंक खातों की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि राशि कहां स्थानांतरित की गई।

जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि मामले में अन्य कर्मचारियों या अधिकारियों की कोई भूमिका थी या नहीं। फिलहाल करीब एक करोड़ रुपये के कथित गबन से जुड़े आरोपों की जांच जारी है। पुलिस की जांच और आधिकारिक निष्कर्षों के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।