
पटना: महात्मा गांधी के जीवन, विचारों और बिहार से उनके ऐतिहासिक जुड़ाव पर शोध करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। बिहार सरकार ने ‘बापू टावर फेलोशिप-2026’ के तहत पांच शोधार्थियों के चयन की पहल की है। चयनित प्रत्येक फेलो को एक वर्ष की अवधि के लिए पांच लाख रुपये की राशि दी जाएगी। इस फेलोशिप के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
गांधी और बिहार के संबंधों पर होगा शोध
इस फेलोशिप का उद्देश्य महात्मा गांधी के विचारों, दर्शन और बिहार से जुड़े सामाजिक, राजनीतिक तथा आर्थिक विषयों पर गंभीर शोध को प्रोत्साहित करना है। इसके तहत शोधार्थियों को केवल पुस्तकों तक सीमित रहने के बजाय क्षेत्र में जाकर अध्ययन करने, समुदायों से जुड़ने और वास्तविक सामाजिक समस्याओं को समझने का अवसर भी मिलेगा।
बिहार से गांधी का ऐतिहासिक जुड़ाव चंपारण सत्याग्रह के माध्यम से विशेष रूप से सामने आया था। इस आंदोलन ने किसानों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन के केंद्र में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है बापू टावर
पटना के गर्दनीबाग स्थित बापू टावर में महात्मा गांधी के जीवन और विचारों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। यहां ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों, म्यूरल, मूर्तियों और लघु फिल्मों के जरिए गांधी की जीवन यात्रा और उनके सिद्धांतों को समझने का अवसर मिलता है। अब फेलोशिप के माध्यम से इस केंद्र को शोध गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में भी पहल की गई है।
कौन कर सकता है आवेदन?
फेलोशिप के लिए अभ्यर्थियों के पास गांधीवादी विषयों में स्नातक या उससे उच्चतर डिग्री होना आवश्यक है। गांधी के जीवन-दर्शन से जुड़े क्षेत्र में पांच वर्ष या उससे अधिक अनुभव रखने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदक की अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष तय की गई है।
आवेदन के साथ बायोडाटा, फोटो, अनुभव प्रमाण-पत्र और गांधी तथा बिहार से संबंधित विषय पर 4,000 से 5,000 शब्दों का शोध प्रस्ताव जमा करना होगा। नौकरीपेशा अभ्यर्थियों को एनओसी भी देनी होगी।
15 अक्टूबर है अंतिम तारीख
आवेदन स्पीड पोस्ट, कूरियर या हाथों-हाथ निदेशक, बापू टावर, गर्दनीबाग, पटना-800001 के पते पर जमा किए जा सकते हैं। चयनित शोधार्थियों को एक साल तक शोध के लिए पांच-पांच लाख रुपये मिलेंगे।






