Slurry pond embankment in Bokaro breaks, hundreds of tons of coal flow into Damodar River; pollution fears

बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले के कथारा क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच सीसीएल कथारा वाशरी के पांच नंबर स्लरी पौंड का मेढ़ बुधवार देर शाम अचानक टूट गया। मेढ़ टूटने से पौंड में जमा स्लरी कोल का बड़ा हिस्सा पानी के साथ बहकर दामोदर नदी में पहुंच गया। इस घटना के बाद नदी के जल की गुणवत्ता और संभावित प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है। वहीं, स्लरी कोल के बहने से सीसीएल को आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

लंबे समय से जमा थी स्लरी

जानकारी के अनुसार, कथारा वाशरी के पांच नंबर स्लरी पौंड में पहले स्लरी कोल से पोड़ा कोयला बनाने का काम किया जाता था। वर्ष 2010 के आसपास यह कार्य बंद हो गया। इसके बाद वाशरी से निकलने वाली स्लरी लगातार पौंड में जमा होती रही। सर्वे विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, यहां करीब 30 हजार टन स्लरी कोल जमा था।

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बताया जा रहा है कि स्लरी का नियमित उठाव नहीं होने से पौंड में जलस्तर बढ़ रहा था। वहीं, मेढ़ के नीचे से पानी का रिसाव भी हो रहा था। पिछले दो-तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण पौंड पर दबाव बढ़ा और बुधवार शाम मेढ़ का एक हिस्सा टूट गया। इसके बाद स्लरी और पानी तेजी से दामोदर नदी की ओर बह निकले।

सीसीएल के अधिकारियों ने लिया जायजा

घटना की जानकारी मिलते ही सीसीएल कथारा क्षेत्र के जीएम एकेबी सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने टूटे हुए मेढ़ का निरीक्षण किया और जल्द मरम्मत कराने का निर्देश दिया। ओपी थाना प्रभारी राहुल कुमार राम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली।

मरम्मत का काम शुरू

गुरुवार सुबह से टूटे हिस्से की मरम्मत का काम तेज कर दिया गया। मौके पर ओबीआर पत्थर डालकर डोजर मशीन की मदद से मेढ़ को दोबारा बांधने का प्रयास किया जा रहा है। प्रबंधन की प्राथमिकता स्लरी और पानी के आगे बहाव को रोकना है।

हालांकि, दामोदर नदी में स्लरी कोल पहुंचने के बाद जल प्रदूषण की आशंका बनी हुई है। नदी के पानी पर वास्तविक प्रभाव का आकलन और स्थिति की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।