
नालंदा : बिहार में जीएसटी नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वाणिज्य कर विभाग ने टैक्स चोरी और बिना निबंधन कारोबार करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान तेज कर दिया है। विभाग ने जिले में ऐसे 400 कारोबारियों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किया है। कार्रवाई के बाद चालू महीने में अब तक 17 लाख रुपये का नकद टैक्स जमा कराया जा चुका है।
किन कारोबारियों पर है विभाग की नजर?
विभाग की जांच में दवा के थोक और खुदरा विक्रेता, कपड़ा दुकानदार, हार्डवेयर एवं सैनिटरी सामान के कारोबारी, लकड़ी और फर्नीचर व्यवसायी, किराना दुकानदार तथा खाद्यान्न कारोबारियों को शामिल किया गया है। जांच का उद्देश्य ऐसे कारोबारियों की पहचान करना है, जो लंबे समय से व्यापार कर रहे हैं, लेकिन जीएसटी के तहत निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। विभाग कारोबारियों के निबंधन, बिक्री और टैक्स भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड की जांच करेगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष अभियान
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद बिना जीएसटी निबंधन कारोबार करने वालों को टैक्स के दायरे में लाने की पहल की गई है। नालंदा अंचल में राज्य कर उपायुक्त पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई है। यह टीम व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण करेगी और कारोबार का भौतिक सत्यापन भी करेगी। जीएसटीएन के आंकड़ों में बिहार में शून्य नकद टैक्स दिखाने वाले कारोबारियों का अनुपात अधिक होने का मुद्दा भी समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
मकान मालिकों और दुकानदारों को भी चेतावनी
वाणिज्य कर विभाग ने व्यावसायिक उपयोग के लिए संपत्ति किराए पर देने वाले मकान मालिकों को भी जांच के दायरे में रखा है। सालाना 20 लाख रुपये से अधिक किराया आय अर्जित करने वाले भू-स्वामियों के जीएसटी निबंधन की जांच की जाएगी। वहीं, पंजीकृत दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठान के साइनबोर्ड पर GSTIN प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर जीएसटी अधिनियम की धारा 125 के तहत 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बकाया टैक्स जमा नहीं करने वालों से ब्याज और जुर्माने के साथ राशि वसूली जा सकती है। ऐसे में कारोबारियों को समय पर टैक्स जमा करने और सभी जरूरी नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।






