रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित कोल लेवी मामले की जांच कर रहे आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने विशेष न्यायालय में करीब 9500 पन्नों का छठा पूरक चालान पेश किया है। जांच एजेंसी के अनुसार चालान में 12 आरोपियों की कथित भूमिका, वसूली की व्यवस्था, रकम के वितरण और उससे जमीन, फ्लैट, वाशरी समेत अन्य संपत्तियों में निवेश से जुड़े तथ्यों का विवरण दिया गया है।
ईओडब्ल्यू के मुताबिक कथित सिंडिकेट के जरिए कोयला परिवहन से 25 रुपये प्रति टन की अवैध वसूली की व्यवस्था बनाई गई थी। जांच में इस तंत्र को स्थापित करने के लिए करीब पांच करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चलने का दावा किया गया है। एजेंसी ने जब्त मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट, डायरियों और बैंक लेन-देन को जांच का आधार बताया है। कथित सिंडिकेट के सदस्य रकम और निर्देशों के लिए सात अलग-अलग व्हाट्सऐप ग्रुप का इस्तेमाल करते थे।
जांच एजेंसी के अनुसार अलग-अलग जिलों से कथित वसूली की रकम रायपुर पहुंचाई जाती थी और वहां उसका हिसाब रखने के बाद वितरण किया जाता था। चालान में कोयले के अलावा लौह अयस्क पैलेट के परिवहन से 100 रुपये प्रति टन की कथित वसूली का भी उल्लेख है।
ईओडब्ल्यू ने राम गोपाल अग्रवाल से संबंधित डायरियों में ‘भवन’ और ‘सी पार्टी’ के नाम से करीब 104.20 करोड़ रुपये की 32 प्रविष्टियां मिलने का दावा किया है। एजेंसी के अनुसार कथित लेवी की रकम जमीन, फ्लैट और वाशरी जैसी संपत्तियों में निवेश किए जाने के साक्ष्य भी मिले हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में कांग्रेस से जुड़े कुछ नेताओं और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के बीच कथित लेन-देन तथा बातचीत का भी उल्लेख किया गया है। एजेंसी ने देवेंद्र यादव और सूर्यकांत तिवारी के बीच व्हाट्सऐप बातचीत को भी साक्ष्य के रूप में पेश किए जाने की बात कही है।
ईडी के अनुसार मामले में करीब 570 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अवैध वसूली की जांच की जा रही है। ईओडब्ल्यू के मुताबिक इस मामले में एक मुख्य और पांच पूरक चालान पहले ही पेश किए जा चुके हैं। नए पूरक चालान में अतिरिक्त दस्तावेज और साक्ष्य अदालत के समक्ष रखे गए हैं। मामले में आगे की जांच भी जारी है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।







