लीमा (पेरू): कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो चौदहवें के सम्मान में पेरू के तटीय शहर कैलाओ में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। आधार सहित इस प्रतिमा की कुल ऊंचाई 14 मीटर (46 फीट) है। पोप की प्रस्तावित पेरू यात्रा से पहले स्थापित की गई इस प्रतिमा को प्रेम, आस्था और सम्मान के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
कैलाओ प्रांत के मेयर सीजर पेरेज ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह पोप लियो चौदहवें को समर्पित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के लिए यह गर्व का विषय है कि वे अपने पोप को प्रेम, आस्था और स्नेह के प्रतीक के रूप में यह विशेष उपहार दे सके हैं।
प्रतिमा को स्थापित करने की प्रक्रिया के तहत गुरुवार को इसे लीमा से सड़क मार्ग के जरिए अलग-अलग हिस्सों में कैलाओ लाया गया। इसके बाद शुक्रवार को शहर के तटीय इलाके में सभी हिस्सों को जोड़कर प्रतिमा को खड़ा किया गया। इस आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह देखा गया। प्रतिमा की स्थापना को पोप के साथ पेरू के ऐतिहासिक और धार्मिक संबंधों के सम्मान के तौर पर भी देखा जा रहा है।
पोप लियो चौदहवें छह से 17 नवंबर तक लैटिन अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनकी पेरू यात्रा 11 नवंबर से शुरू होने वाली है। उनके आगमन को लेकर देश में तैयारियां की जा रही हैं। कैलाओ में स्थापित यह विशाल प्रतिमा उनकी यात्रा से पहले विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है।
गौरतलब है कि पोप लियो चौदहवें मूल रूप से अमेरिकी नागरिक हैं। बाद में उन्हें पेरू की नागरिकता भी प्राप्त हुई। उन्होंने अपने जीवन के लगभग 20 वर्ष पेरू में बिताए, जहां उन्होंने मिशनरी गतिविधियों में भाग लेने के साथ बिशप के रूप में भी सेवाएं दीं। वर्ष 2023 में वह वेटिकन चले गए।
पेरू के साथ उनके लंबे जुड़ाव को देखते हुए इस प्रतिमा की स्थापना को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







