गया। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने पितृपक्ष मेले के अवसर पर गयाजी के सीता कुंड स्थित फल्गु नदी के पावन तट पर विधिवत तर्पण और पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने अपने पितरों के साथ देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, राष्ट्र की रक्षा में शहीद हुए जवानों और अन्य दिवंगत आत्माओं की शांति एवं सद्गति के लिए भी तर्पण किया।
पूजा-अर्चना के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि गयाजी में पिंडदान और तर्पण की परंपरा सनातन संस्कृति की महत्वपूर्ण विरासत है। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए गयाजी पहुंचते हैं। यह धार्मिक परंपरा केवल पितरों के प्रति सम्मान का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ी गहरी आस्था का प्रतीक भी है।
डॉ. प्रेम कुमार ने स्वतंत्रता सेनानियों और अमर जवानों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि राष्ट्र के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले वीरों को स्मरण करना समाज का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर पितरों के साथ उन महान लोगों को भी श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए, जिन्होंने देश की आजादी और सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने पितृपक्ष मेले में आने वाले श्रद्धालुओं से धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धा और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने गयाजी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखने के साथ-साथ स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सभी को सामूहिक रूप से स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए। गयाजी की पवित्रता, परंपरा और गरिमा को बनाए रखना स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं की भी साझा जिम्मेदारी है।







