नयी दिल्ली। नाबार्ड की अनुषंगी कंपनी नाबकिसान ने पानी और साफ-सफाई क्षेत्र पर केंद्रित देश का पहला सोशल बॉन्ड जारी कर 180 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस बॉन्ड को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में सूचीबद्ध किया गया है। निर्गम को निवेशकों का मजबूत समर्थन मिला और निर्धारित राशि से 1.8 गुना अधिक बोलियां प्राप्त हुईं।
पांच वर्ष की परिपक्वता अवधि वाले इस बॉन्ड की कूपन दर 8.10 प्रतिशत तय की गई है। इसकी परिपक्वता सितंबर 2031 में होगी। बॉन्ड को क्रिसिल और केयर रेटिंग्स की ओर से एएए की सर्वोच्च घरेलू क्रेडिट रेटिंग मिली है। कंपनी के अनुसार, निर्गम से जुटाई गई राशि का उपयोग ग्रामीण और वंचित समुदायों में सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता और हाइजीन यानी वॉश सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाने वाली परियोजनाओं के लिए किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल एवं स्वच्छता से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। नाबार्ड के अनुसार, ऐसी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच से स्वास्थ्य, आजीविका और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही सामाजिक क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए पूंजी बाजार से संसाधन जुटाने का रास्ता भी मजबूत होगा।
नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी. ने बॉन्ड की सूचीबद्धता के अवसर पर कहा कि वॉश बॉन्ड का सफल निर्गम महत्वपूर्ण विकास प्राथमिकताओं को पूरा करने में नवोन्मेषी वित्तीय तंत्र की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जल और स्वच्छता तक बेहतर पहुंच ग्रामीण समुदायों के स्वास्थ्य, आजीविका और जीवन की गुणवत्ता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
नाबकिसान के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी इम्मानुवेल गणेशन ने कहा कि वॉश बॉन्ड यह दिखाता है कि पूंजी बाजार के माध्यम से विकास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए संसाधन जुटाने के साथ-साथ मापने योग्य सामाजिक प्रभाव भी पैदा किया जा सकता है। उन्होंने निवेशकों की मजबूत प्रतिक्रिया को समावेशी और टिकाऊ ग्रामीण विकास के लिए वित्तीय साधनों में बढ़ते विश्वास का संकेत बताया।







