पटना। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर माताओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस पर्व को मातृत्व के स्नेह, त्याग, तपस्या और संतान के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया।
नीतीश कुमार ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि जीवित्पुत्रिका व्रत माताओं की गहरी आस्था और अपनी संतान के प्रति अटूट प्रेम की अनुपम अभिव्यक्ति है। इस अवसर पर माताएं संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ श्रद्धापूर्वक व्रत रखती हैं। बिहार में यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोक परंपरा और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
उन्होंने कहा कि जिउतिया पर्व मातृत्व की शक्ति और संतान के प्रति मां के समर्पण को दर्शाता है। व्रत रखने वाली महिलाएं पूरे दिन कठिन तपस्या और श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होती हैं। संतान के कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर इस पर्व का विशेष महत्व है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने बिहार की समृद्ध लोक-संस्कृति और परंपराओं में जीवित्पुत्रिका व्रत के महत्व का उल्लेख करते हुए व्रत रखने वाली सभी माताओं की श्रद्धा, आस्था और तपस्या को सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व समाज में पारिवारिक मूल्यों, आपसी जुड़ाव और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का काम करते हैं।
जीवित्पुत्रिका व्रत बिहार सहित कई क्षेत्रों में श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। माताएं संतान की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना के लिए यह व्रत करती हैं। पर्व के दौरान धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व रहता है।







