तिरुवनंतपुरम। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम नगर निगम के माकपा पार्षद अजीन के खिलाफ एक संपत्ति मालिक से कथित तौर पर 10 लाख रुपये मांगने और रकम नहीं देने पर निर्माण कार्य बाधित करने की धमकी देने के आरोप में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार, तृक्कण्णापुरम वार्ड के पार्षद अजीन पर विधायक रोड के समीप पेयाड निवासी एक व्यक्ति की 19 सेंट जमीन से जुड़े मामले में रकम मांगने का आरोप लगाया गया है। आरोपों के समर्थन में कथित बातचीत के कुछ ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग सामने आने की बात भी कही गई है।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम में यूडीएफ संसदीय दल के नेता के. एस. सबरीनाथन ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक एवं निदेशक मनोज अब्राहम के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर मामले की जांच की मांग की है। शिकायत में यह भी आग्रह किया गया है कि आरोपों की जांच कर यह निर्धारित किया जाए कि कथित गतिविधियां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और केरल नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के दायरे में आती हैं या नहीं।
शिकायत के मुताबिक, संपत्ति मालिक का आरोप है कि पार्षद ने जमीन के एक हिस्से को सरकारी ‘पुरंबोक’ भूमि बताते हुए विकास और बिक्री के लिए मामले को सुलझाने अथवा नियमितीकरण में मदद करने की पेशकश की। आरोप है कि इसके लिए 10 लाख रुपये की मांग की गई। रकम नहीं देने पर डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं के जरिए जमीन पर पार्टी के झंडे लगाने और निर्माण कार्य रुकवाने की कथित धमकी दी गई।
शिकायत में पुलिस और राजस्व अधिकारियों को मामले में शामिल करने तथा नहर और जल निकासी चैनल से संबंधित आपत्तियां उठाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
हालांकि, अजीन ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने संपत्ति मालिक से किसी तरह की रकम की मांग नहीं की। उन्होंने कथित ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को संपादित कर प्रसारित किए जाने का दावा किया है। अजीन के अनुसार, यह कार्रवाई सरकारी पुरंबोक भूमि पर कथित अतिक्रमण और निर्माण के खिलाफ उनके रुख के कारण की गई है।
सतर्कता विभाग की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।







