रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं विचारों को याद किया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों ने अपने आचरण और कार्यों के माध्यम से देशवासियों को सत्य, अहिंसा, सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि गांधी और शास्त्री के आदर्श केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आज भी सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक कार्यों में प्रासंगिक हैं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से इन मूल्यों को अपने कार्यक्षेत्र के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन में अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उनके जन्मदिवस को याद करना नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को समझकर उन्हें अपने जीवन में उतारना भी है। उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, सादगी और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों का पालन ही महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के दौरान रामधुन का वादन किया गया। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के जीवन, संघर्ष और देश के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सहदेव मिश्र, अपर जिलाधिकारी न्यायिक विशाल कुमार यादव, नगर मजिस्ट्रेट राम अवतार, उपजिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश गौतम, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी बृजेश तिवारी, प्रशासनिक अधिकारी आशीष श्रीवास्तव, महेश त्रिपाठी और रामेन्द्र मिश्रा सहित कलेक्ट्रेट के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के बताए मूल्यों को जनसेवा और प्रशासनिक दायित्वों में अपनाने का संदेश दिया।







