नयी दिल्ली। कांग्रेस ने गोवा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 97 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाने को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने इन मतदाताओं के नाम बहाल करने के लिए सात दिनों में आठ बार चुनाव आयोग से अनुरोध किया, लेकिन अब तक उन्हें सूची में शामिल नहीं किया गया है। इस मामले की रिपोर्टिंग में भी 97 मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में नहीं होने की बात सामने आई है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि गोवा के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) ने दस्तावेजों और आपत्तियों की जांच के बाद इन मतदाताओं को पात्र माना था। उनके अनुसार, इसके बावजूद ईसीआईनेट (ECINet) सॉफ्टवेयर में अधिकारियों के फैसले को लागू करने के लिए आवश्यक विकल्प उपलब्ध नहीं था। रिपोर्टों के मुताबिक, गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इस संबंध में आयोग को आठ ईमेल भेजे थे।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया को ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर पर अत्यधिक निर्भर बनाया गया है और राज्यों के निर्वाचन अधिकारियों की प्रणाली तक पहुंच सीमित होने से निर्णय लागू करने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत मतदाता सूची से जुड़े निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के अधिकारों का भी उल्लेख किया।
रमेश ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 की प्रक्रिया को भी कठिन बनाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने इस पूरे मामले के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
वहीं, चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर गोवा की SIR 2026 अंतिम मतदाता सूची उपलब्ध है। आयोग के पोर्टल के अनुसार गोवा की अंतिम सूची 21 फरवरी को प्रकाशित की गई थी।







