नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवत्सरी के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और क्षमा, करुणा, विनम्रता तथा सद्भावना को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संदेश साझा करते हुए कहा कि संवत्सरी हमें याद दिलाती है कि क्षमा और करुणा हर रिश्ते को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि इस पवित्र अवसर पर विनम्रता हमारा मार्गदर्शन करे और दया एवं सद्भावना हमारे हर कार्य का आधार बने।
प्रधानमंत्री ने जैन समुदाय के पारंपरिक अभिवादन “मिच्छामि दुक्कडम्” के माध्यम से भी शुभकामनाएं दीं।
संवत्सरी जैन धर्म में पर्यूषण पर्व के समापन के अवसर पर मनाई जाती है। यह आत्मचिंतन, आत्म-अनुशासन और क्षमा मांगने का महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस अवसर पर लोग जाने-अनजाने में अपने विचारों, शब्दों या कार्यों से किसी को पहुंची ठेस के लिए क्षमा मांगते हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के माध्यम से क्षमा, अहिंसा, करुणा और सद्भावना जैसे मूल्यों की व्यापक सामाजिक प्रासंगिकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये भावनाएं आपसी रिश्तों को मजबूत करने और समाज में बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।







