तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के दौरान एक तेल टैंकर में आग लगने की घटना सामने आई है। घटना को लेकर ईरान और अमेरिका ने अलग-अलग दावे किए हैं।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, सुपरटैंकर ‘एल गैया’ दक्षिणी होर्मुज जलडमरूमध्य में एक प्रतिबंधित क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी दौरान जहाज कथित तौर पर समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गया, जिसके बाद उसमें आग लग गई। IRGC ने दावा किया कि आग पर काबू पाने के प्रयास सफल नहीं हो सके।
वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के इस दावे को खारिज किया है। अमेरिकी कमान के अनुसार, टैंकर को पिछले महीने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइल से निशाना बनाया गया था, जिससे जहाज क्षतिग्रस्त होकर निष्क्रिय हो गया। CENTCOM ने यह भी दावा किया कि सप्ताहांत में ओमान के तट के पास ईरान ने ड्रोन के जरिए टैंकर पर दोबारा हमला किया।
CENTCOM के अनुसार, फिलहाल एक क्षेत्रीय सहयोगी देश टैंकर को सुरक्षित स्थान तक ले जाने के लिए उसे खींच रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के प्रमुख ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव बढ़ने से कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और एलएनजी की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और ईंधन कीमतों पर असर पड़ने की आशंका रहती है।







