
ओटावा: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने देश को यूरोपीय संघ (EU) का सहयोगी सदस्य बनाने का प्रस्ताव दिया है। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के अनुसार, यह पहल अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता विफल होने के बाद कनाडा के यूरोप के साथ आर्थिक और रणनीतिक संबंध मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कार्नी पिछले कई महीनों से फ्रांस, जर्मनी, इटली और स्कैंडिनेवियाई देशों समेत प्रमुख यूरोपीय देशों के नेताओं के साथ इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं। प्रस्ताव के तहत कनाडा को EU के करीब 21 ट्रिलियन डॉलर के एकल बाजार तक अधिक पहुंच देने के विकल्प पर चर्चा हो रही है।
इस संभावित व्यवस्था में रक्षा, ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजना शामिल है। कनाडा और यूरोप के बीच डेटा सेंटर, उपग्रह नेटवर्क तथा समुद्र के भीतर संचार केबल जैसी संयुक्त परियोजनाओं पर भी चर्चा की जा रही है।
EU और कनाडा के बीच 16 सितंबर को व्यापार, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में रणनीतिक गठबंधन की घोषणा किए जाने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, सहयोगी सदस्यता की राह में कई चुनौतियां हैं। कनाडा को EU के बजट में योगदान, कुछ साझा नियमों को अपनाने और संभावित रूप से कुछ अधिकारों के हस्तांतरण जैसे मुद्दों पर सहमति बनानी पड़ सकती है।
कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ने के बाद ओटावा अपनी अर्थव्यवस्था और व्यापारिक साझेदारियों में विविधता लाने पर जोर दे रहा है। इसी रणनीति के तहत यूरोप के साथ संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश तेज हुई है।







