1,914 cases of violence against children in Pakistan

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में बच्चों के खिलाफ हिंसा और दुर्व्यवहार के 1,914 मामले दर्ज किए गए। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की उपाध्यक्ष और सीनेट सदस्य शेरी रहमान ने इन आंकड़ों पर गंभीर चिंता जताई है।

रहमान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि बच्चों के खिलाफ हिंसा के मामलों का स्तर बेहद चिंताजनक है और ऐसे अपराधों में शामिल लोगों को किसी भी तरह की छूट नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने जनवरी से जून 2026 के बीच सामने आए मामलों का हवाला देते हुए तत्काल और समन्वित कार्रवाई की जरूरत बताई।

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रहमान के अनुसार, कुल मामलों में करीब 80 प्रतिशत मामले पंजाब प्रांत से सामने आए। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए मौजूदा तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

आंकड़ों के मुताबिक, करीब 43 प्रतिशत मामलों में आरोपी पीड़ित बच्चों के परिचित थे, जबकि लगभग 45 प्रतिशत घटनाएं बच्चों के अपने घरों में हुईं। वहीं, 57 प्रतिशत मामले शहरी और 43 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों से सामने आए।

रहमान ने कहा कि बच्चों के खिलाफ दुर्व्यवहार किसी एक वर्ग या क्षेत्र तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की चुनौती है। उन्होंने बच्चों की शिकायतों के लिए सुरक्षित व्यवस्था, पर्याप्त संस्थागत संसाधन और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई होनी चाहिए। रहमान ने अभिभावकों से भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की और कहा कि बच्चों की सुरक्षा सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है।