वॉशिंगटन: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा अगले सप्ताह रूस पर कड़े प्रतिबंधों से जुड़े ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट, 2026’ पर मतदान कर सकती है। विधेयक पारित होने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस के साथ कारोबार करने वाले देशों, खासकर रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने का व्यापक अधिकार मिल सकता है।
यह विधेयक पिछले महीने अमेरिकी सीनेट में भारी बहुमत से पारित हो चुका है। प्रतिनिधि सभा की नियम समिति सोमवार को विधेयक पर विचार करेगी, जिसके बाद इसे सदन में मतदान के लिए लाया जा सकता है।
विधेयक में रूस के अलावा ईरान पर मौजूदा प्रतिबंधों को और कड़ा करने का भी प्रावधान है। हालांकि, प्रतिनिधि सभा में कई डेमोक्रेटिक सांसद इसका विरोध कर रहे हैं। अल्पमत नेता हकीम जेफ्रीज समेत डेमोक्रेटिक नेताओं का कहना है कि विधेयक राष्ट्रपति के टैरिफ लगाने के अधिकारों का जरूरत से ज्यादा विस्तार करता है।
डेमोक्रेटिक सांसद ग्रेगरी मीक्स, डॉन बेयर और रिचर्ड नील ने कहा कि वे यूक्रेन के समर्थन में मजबूती से खड़े हैं, लेकिन मौजूदा विधेयक से नुकसान अधिक हो सकता है। उनका दावा है कि इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं और रूस पर प्रतिबंध लगाने की अनिवार्यता स्पष्ट नहीं है।
वहीं, सीनेट की विदेश संबंध समिति की रैंकिंग सदस्य जीन शाहीन ने विधेयक को सदन में लाए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रूस की युद्ध मशीन पर आर्थिक दबाव बढ़ाने और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बातचीत की मेज पर लाने के लिए कड़े प्रतिबंध जरूरी हैं।








