Maharashtra's growing luster on the tourism map

मुंबई: महाराष्ट्र देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। समुद्र तटों, ऐतिहासिक किलों, विरासत स्थलों, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक सुंदरता के चलते राज्य घरेलू के साथ विदेशी पर्यटकों को भी लगातार आकर्षित कर रहा है।

पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में महाराष्ट्र में करीब 44.97 लाख विदेशी पर्यटक पहुंचे। विदेशी पर्यटकों के आगमन के मामले में राज्य देश में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि कुल पर्यटक आगमन के मामले में महाराष्ट्र छठे स्थान पर है।

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अजंता-एलोरा की गुफाएं, सह्याद्री की पर्वत श्रृंखला में स्थित ऐतिहासिक किले, कोंकण के समुद्र तट और धार्मिक स्थल महाराष्ट्र के पर्यटन को मजबूती दे रहे हैं। राज्य में घरेलू पर्यटन में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्ष 2021 में करीब 4.36 करोड़ घरेलू पर्यटक महाराष्ट्र पहुंचे थे।

पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच राज्य में पर्यटन सुविधाओं का भी विस्तार हुआ है। 2025 में महाराष्ट्र में सबसे अधिक होटल खुले, जिससे करीब 10 हजार नए कमरे जुड़े। इससे आने वाले समय में पर्यटकों के लिए ठहरने की सुविधाओं में और सुधार की उम्मीद है।

महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम विभिन्न पर्यटन स्थलों के विकास और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अभियान चला रहा है। राज्य की नई पर्यटन नीति में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ अधिक समावेशी पर्यटन विकास पर जोर दिया गया है।

महाराष्ट्र पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय खांडारे के अनुसार, राज्य में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रचार अभियानों और नई पर्यटन नीति के जरिए पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

लोनावला, महाबलेश्वर और कोंकण के अलावा राज्य का वन्यजीव पर्यटन भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ताडोबा-अंधारी, मेलघाट और नवेगांव-नागजिरा जैसे बाघ अभयारण्य देश-विदेश के पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण बन रहे हैं। विरासत, प्रकृति, आध्यात्मिकता, वन्यजीव और आधुनिक शहरी अनुभवों का मेल महाराष्ट्र को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित कर रहा है।