Crude oil and rupee will keep an eye on the stock market movement, Sensex-Nifty declined last week.

मुंबई: घरेलू शेयर बाजार में पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद अब निवेशकों की नजर आने वाले कारोबारी सप्ताह में कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की चाल पर रहेगी। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है, जबकि रुपये में पिछले सप्ताह मजबूती देखने को मिली। ऐसे में इन दोनों कारकों का बाजार की दिशा पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती चार कारोबारी दिनों में प्रमुख सूचकांकों पर दबाव रहा, हालांकि शुक्रवार को बाजार में अच्छी तेजी दर्ज की गई। इसके बावजूद पूरे सप्ताह के आधार पर बीएसई सेंसेक्स 749.08 अंक यानी 0.97 प्रतिशत गिरकर 76,515.43 अंक पर बंद हुआ।

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इसी तरह एनएसई निफ्टी-50 में 277.95 अंक यानी 1.15 प्रतिशत की गिरावट रही और यह सप्ताहांत पर 23,897.70 अंक पर बंद हुआ। व्यापक बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप-50 में 1.51 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप-100 में 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई।

मारुति समेत इन शेयरों में रही बड़ी गिरावट

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 24 के शेयर पिछले सप्ताह नुकसान में रहे। मारुति सुजुकी इंडिया का शेयर सबसे अधिक 5.12 प्रतिशत टूटा। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा 4.91 प्रतिशत, इंडिगो 3.91 प्रतिशत, टाइटन 3 प्रतिशत और एशियन पेंट्स 2.85 प्रतिशत फिसले।

भारतीय स्टेट बैंक में 2.78 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 2.69 प्रतिशत, भारती एयरटेल में 2.13 प्रतिशत और अल्ट्राटेक सीमेंट में 2 प्रतिशत की गिरावट रही।

इसके अलावा एलएंडटी और ट्रेंट में 1.86 प्रतिशत, टीसीएस में 1.84 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर में 1.81 प्रतिशत, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 1.71 प्रतिशत तथा बजाज फाइनेंस में 1.53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

रिलायंस समेत इन शेयरों में तेजी

गिरावट के बीच कुछ प्रमुख शेयरों ने निवेशकों को राहत दी। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 2.93 प्रतिशत चढ़कर सेंसेक्स में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा। टाटा स्टील में 1.50 प्रतिशत, एक्सिस बैंक में 0.71 प्रतिशत, एनटीपीसी में 0.33 प्रतिशत, कोटक महिंद्रा बैंक में 0.26 प्रतिशत और अडानी पोर्ट्स में 0.23 प्रतिशत की तेजी रही।

आने वाले सप्ताह में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, रुपये की दिशा और वैश्विक बाजार के संकेत घरेलू शेयर बाजार की धारणा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक रह सकते हैं।