पटना: बिहार सरकार ने स्कूली विद्यार्थियों को राज्य में विकसित हो रहे आधुनिक खेल बुनियादी ढांचे से परिचित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। खेल विभाग की पहल पर मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना के तहत कक्षा 6 से 12 तक के चयनित छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक भ्रमण में राज्य के प्रमुख खेल परिसरों और स्टेडियमों को शामिल किया गया है।
इस योजना के तहत विद्यार्थियों को पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, पटना, राज्य खेल एकेडमी, राजगीर और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, राजगीर का भ्रमण कराया जाएगा। इसके जरिए विद्यार्थियों को खेल प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और राज्य में तैयार हो रहे खेल बुनियादी ढांचे को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा।
खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने पर जोर
खेल विभाग के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य बच्चों में खेलों के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ राज्य में मौजूद खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है। विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष अनुभव मिलने से उन्हें खेलों को भविष्य में करियर के विकल्प के रूप में देखने के लिए भी प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बच्चों को केवल किताबों के जरिए नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से भी आधुनिक खेल सुविधाओं को समझने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना में प्रमुख खेल परिसरों को शामिल करना युवाओं को खेलों से जोड़ने और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम कदम है।
खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद ने कहा कि पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और राजगीर स्थित राज्य खेल एकेडमी एवं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के भ्रमण से विद्यार्थियों को बिहार के खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षण व्यवस्था को करीब से जानने का मौका मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में खेल के प्रति जिज्ञासा और आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें खेल क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
सरकार का मानना है कि मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना में खेल परिसरों को शामिल करने से विद्यालय स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की नई खेल प्रतिभाओं की पहचान एवं प्रोत्साहन की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।







