Rain and rising water levels of the Son River worsen the situation in Rohtas, causing flood-like conditions in many areas; boat rescue operations continue.

रोहतास/सासाराम: लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश और सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की तेज आवक के कारण रोहतास जिले में हालात गंभीर होते जा रहे हैं। रोहतास प्रखंड के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गुरुवार को कई स्थानों पर पानी में फंसे लोगों को नाव के सहारे सुरक्षित निकाला गया। वहीं, कई परिवार अब भी जलभराव के बीच अपने घरों में फंसे हुए हैं।

नाव बनी लोगों का सहारा

जलस्तर बढ़ने के बाद प्रभावित इलाकों में नाव के जरिए लोगों तक राहत सामग्री, खाद्य पदार्थ और जरूरत का सामान पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों के लिए फिलहाल नाव ही आवागमन का प्रमुख साधन बनी हुई है।

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बताया जा रहा है कि रिहंद, वाणसागर और मुहम्मदगंज भीम बैराज से लगातार पानी की आवक हो रही है। इसके अलावा सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों से बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण इंद्रपुरी बैराज पर भी दबाव बढ़ गया है।

इंद्रपुरी बैराज के सभी 69 गेट खुले

जल प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए मंगलवार से इंद्रपुरी बैराज के सभी 69 गेट खोल दिए गए हैं। बैराज से सोन नदी के निचले हिस्से में करीब 5 लाख 16 हजार 520 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। इससे नदी के आसपास के निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति बनी हुई है।

सासाराम में भीषण जलजमाव

बारिश और बढ़ते जलस्तर का असर जिला मुख्यालय सासाराम में भी दिखाई दे रहा है। शहर के आसपास की नदियां, नहरें और नाले पानी से लबालब हैं। जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने के कारण कई इलाकों में भारी जलजमाव की स्थिति है।

सदर अस्पताल समेत कई सरकारी कार्यालयों और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। कई स्थानों पर एक से दो फीट तक पानी जमा होने की सूचना है। नगर निगम की ओर से जल निकासी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ इलाकों में पानी कम होने के बजाय बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।

प्रशासन के सामने लोगों को सुरक्षित निकालने की चुनौती

रोहतास में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सबसे बड़ी चुनौती जलजमाव और बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करना है। स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।