न्यूयॉर्क: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और लगातार बने हुए व्यवधानों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिका में निवेशकों के साथ हुई बैठक में कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था ने 7.8 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की है। उन्होंने इसे वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण संकेत बताया।
निवेशकों के सामने भारत की आर्थिक ताकत का जिक्र
न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास और बैंक ऑफ अमेरिका की ओर से आयोजित बिजनेस राउंडटेबल में सीतारमण ने निवेशकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि तमाम वैश्विक दबावों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति बनाए हुए है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले करीब एक दशक में कारोबार को आसान बनाने और अनुपालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल करने पर लगातार काम किया है। दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (IBC) जैसे सुधारों से नियामकीय व्यवस्था में स्पष्टता बढ़ाने और कागजी कार्रवाई का बोझ कम करने में मदद मिली है।
इंफ्रास्ट्रक्चर से AI तक इन क्षेत्रों पर फोकस
सीतारमण ने निवेशकों के सामने उन प्रमुख क्षेत्रों को भी रेखांकित किया, जहां सरकार आर्थिक विकास को गति देने पर जोर दे रही है। इनमें पूंजीगत परिसंपत्तियों का निर्माण, बुनियादी ढांचे का विस्तार और उद्योगों को निरंतर समर्थन प्रमुख हैं।
उन्होंने विमानन क्षेत्र, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और MSME सेक्टर को भी निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। इसके अलावा छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए कर्ज की उपलब्धता बढ़ाने तथा बैंकिंग क्षेत्र में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) को कम करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
वित्तीय अनुशासन को बताया आर्थिक मजबूती का आधार
वित्त मंत्री के मुताबिक, कोविड-19 के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद भारत ने राजकोषीय विवेक और वित्तीय अनुशासन को बनाए रखने की दिशा में काम किया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें निवेश आकर्षित करने के लिए पहले की तुलना में अधिक सक्रिय और प्रतिस्पर्धी तरीके से काम कर रही हैं। इन प्रयासों को उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के दीर्घकालिक लक्ष्य से जोड़ा।
विनय क्वात्रा ने भी GDP ग्रोथ को बताया अहम संकेत
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने कार्यक्रम में भारत की पहली तिमाही की GDP वृद्धि का उल्लेख करते हुए इसे अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों देशों को भारत की तेज आर्थिक वृद्धि से लाभ मिल सकता है और इसके लिए व्यापार तथा निवेश संबंधों को और मजबूत करना जरूरी है।
इससे पहले क्वात्रा ने न्यूयॉर्क स्थित नैस्डैक में भारत की ओर से ओपनिंग बेल बजाई। उन्होंने कहा कि भारत महत्वपूर्ण आर्थिक और तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। मजबूत उद्यमिता, डिजिटल क्षमताओं के विस्तार और युवा एवं प्रतिभाशाली कार्यबल को उन्होंने इस बदलाव की प्रमुख ताकत बताया।
क्वात्रा ने भारत और नैस्डैक में सूचीबद्ध तकनीकी कंपनियों के बीच तकनीक, निवेश, बुनियादी ढांचे और कुशल पेशेवरों की आवाजाही जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए भारत अमेरिकी कंपनियों और निवेशकों के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करना चाहता है।







