Congress staged a sit-in protest over the Bhilwara Municipal Corporation election symbol; now preparing to go to court.

भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा में नगर निगम चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस प्रत्याशियों के पार्टी चिह्न जमा करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कुछ प्रत्याशियों के सिंबल निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमा नहीं हो पाने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर में धरना दिया।

कांग्रेस का आरोप है कि पार्टी के प्रतिनिधि निर्धारित समय से पहले जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए थे और प्रत्याशियों के पार्टी चिह्न भरने की प्रक्रिया जारी थी। इसी दौरान निर्धारित समय समाप्त होने पर कार्यालय का दरवाजा बंद कर दिया गया, जिसके कारण कुछ प्रत्याशियों के सिंबल जमा नहीं हो सके।

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कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिवराम खटीक के मुताबिक, पार्टी के नेता और पदाधिकारी कार्यालय के पास एक कमरे में बैठकर बचे हुए प्रत्याशियों के पार्टी चिह्न से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर रहे थे। उनका दावा है कि कुछ सिंबल पहले ही जमा किए जा चुके थे, जबकि अन्य की प्रक्रिया चल रही थी।

सिंबल जमा नहीं हो पाने की जानकारी के बाद शिवराम खटीक, जिला महामंत्री महेश सोनी, कुणाल ओझा समेत कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में उचित अवसर दिए जाने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जब पार्टी के प्रतिनिधि समय रहते निर्वाचन कार्यालय पहुंच गए थे और प्रक्रिया पूरी कर रहे थे, तो बाकी औपचारिकताएं पूरी करने का मौका दिया जाना चाहिए था।

करीब रात सवा नौ बजे कांग्रेस ने धरना समाप्त किया। हालांकि, जिलाध्यक्ष शिवराम खटीक ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मामले को आगे भी उठाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब इस विवाद को लेकर न्यायालय का रुख करेगी और प्रशासन के साथ-साथ भाजपा सरकार के खिलाफ भी आवाज उठाएगी।

नामांकन के अंतिम दिन सामने आया यह विवाद अब राजनीतिक विरोध से आगे बढ़कर कानूनी लड़ाई का रूप लेता नजर आ रहा है। कांग्रेस के आरोपों और प्रशासन के पक्ष के बीच आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।