धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में मवेशियों में फैल रही लंपी बीमारी की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया है। विभाग को 1 लाख 35 हजार वैक्सीन की खुराक प्राप्त हुई हैं, जिनमें से अब तक करीब 15 हजार मवेशियों का टीकाकरण किया जा चुका है।
पशुपालन विभाग की उप निदेशक डॉ. सीमा गुलेरिया ने बताया कि लंपी बीमारी से संक्रमित पशुओं में तेज बुखार, त्वचा पर सख्त गांठें, आंखों और नाक से पानी या मवाद निकलना, सुस्ती, कम खाना-पीना और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमित पशुओं की निगरानी कर रही हैं।
डॉ. गुलेरिया के अनुसार, पंजाब और हरियाणा से मवेशियों की खरीद-फरोख्त के चलते हिमाचल प्रदेश में लंपी बीमारी के संक्रमण का खतरा बढ़ा है। उन्होंने पशुपालकों से संक्रमित पशुओं को स्वस्थ मवेशियों से अलग रखने और गौशालाओं में साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि संक्रमण के दौरान मक्खियों और मच्छरों से बचाव के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि बीमारी के दौरान मवेशियों की खरीद-फरोख्त से बचें और उन्हें खुले चरागाहों में न छोड़ें।
विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि यदि किसी मवेशी में लंपी बीमारी के असामान्य लक्षण नजर आते हैं, तो बिना देरी किए पशुपालन विभाग को इसकी सूचना दें, ताकि समय पर उपचार और आवश्यक नियंत्रण उपाय किए जा सकें।







