The government has appealed to people to donate computers as 'philanthropists', taking the initiative to digitize village panchayats.

नयी दिल्ली: गांवों में डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने नागरिकों, संस्थाओं और संगठनों से ‘दानवीर’ पहल से जुड़ने की अपील की है। इस अभियान के तहत लोग जरूरतमंद और सत्यापित ग्राम पंचायतों को डेस्कटॉप कंप्यूटर दान कर सकते हैं। इसका उद्देश्य पंचायतों में डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाना है।

‘दानवीर’ एक कंप्यूटर क्राउडसोर्सिंग पहल है, जिसके जरिए दानदाता आसान और पारदर्शी डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से सीधे ग्राम पंचायतों की मदद कर सकते हैं। यह पहल सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सुविधाओं के साथ लोगों की स्वैच्छिक भागीदारी को भी जोड़ती है।

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‘मेरी पंचायत ऐप’ से चुनें अपनी पंचायत

नागरिक ‘मेरी पंचायत ऐप’ के जरिए उन ग्राम पंचायतों की जानकारी देख सकते हैं, जिन्हें राज्य सरकारों ने कंप्यूटर की जरूरत के लिए सत्यापित किया है। इसके बाद दानदाता अपनी पसंद की पंचायत के लिए कंप्यूटर दान कर सकते हैं।

ऐप पर ‘कंप्यूटर दान करें’ विकल्प चुनने के बाद दानदाता को बिना अलग पंजीकरण के ONDC-सक्षम डिजिटल मार्केटप्लेस डिजीहाट पर भेज दिया जाता है। यहां चुनी गई पंचायत का डिलीवरी पता और प्राप्तकर्ता की जानकारी पहले से दर्ज रहती है।

दानदाता निर्धारित तकनीकी मानकों वाले कंप्यूटर बंडल का चयन कर डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। ऑर्डर से लेकर डिलीवरी तक पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

कंप्यूटर मिलने के बाद मिलेगा डिजिटल प्रशंसा-पत्र

ग्राम पंचायत सचिव द्वारा कंप्यूटर की प्राप्ति की पुष्टि किए जाने के बाद दानदाता को डिजिटल प्रशंसा-पत्र दिया जाएगा। इससे दान की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है और दानदाता अपने योगदान की स्थिति भी देख सकते हैं।

मंत्रालय के मुताबिक, कंप्यूटर मिलने से ग्राम पंचायतों में योजना निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, रिकॉर्ड-कीपिंग और नागरिक सेवाओं के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।

27 अगस्त तक 75 लोगों ने दिया योगदान

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 27 अगस्त तक 75 लोग ‘दानवीर’ अभियान में योगदान दे चुके हैं। सरकार का मानना है कि यह पहल प्रवासी भारतीयों, समाजसेवी संस्थाओं, CSR साझेदारों और अन्य नागरिकों को अपने गांवों से जुड़ने तथा स्थानीय शासन को मजबूत करने का अवसर देती है।

पंचायती राज मंत्रालय ने नागरिकों और संगठनों से आगे आकर ‘दानवीर’ बनने और ग्राम पंचायतों की डिजिटल क्षमता बढ़ाने में योगदान देने की अपील की है।