टिहरी: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर विकासखंड की सुमन चमोली ने अपने योग कौशल को स्वरोजगार से जोड़कर इसकी मिसाल पेश की है। स्वयं सहायता समूह से मिली आर्थिक मदद और मार्गदर्शन के बाद उन्होंने योग केंद्र स्थापित किया और आज करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रही हैं।
सुमन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला शक्ति स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और वर्तमान में समूह की कोषाध्यक्ष हैं। समूह से जुड़ने से पहले सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण बड़े स्तर पर अपना उद्यम शुरू करना उनके लिए आसान नहीं था। आर्थिक सहायता मिलने के बाद उन्होंने योग में अपनी शिक्षा और अनुभव को आजीविका का माध्यम बनाने का फैसला किया।
वर्ष 2024 में सुमन को प्रथम सामुदायिक ऋण (सीसीएल) के रूप में 1.50 लाख रुपये मिले। इस राशि से उन्होंने मढ़ी चौरास में प्रज्ज्वल योग सेंटर की शुरुआत की। इसके बाद वर्ष 2025 में तीन लाख रुपये का दूसरा सीसीएल लेकर केंद्र का निर्माण और विस्तार किया।
एमए योग की शिक्षा प्राप्त सुमन वर्तमान में अपने केंद्र पर बेसिक से लेकर एडवांस स्तर तक प्रशिक्षण दे रही हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से वह अब तक एक हजार से अधिक लोगों को योग का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। अपने उद्यम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने एक अन्य योग शिक्षक को भी रोजगार दिया है।
सुमन का कहना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक संतुलन और तनाव प्रबंधन के लिए भी बेहद उपयोगी है। उनके केंद्र में लोगों को नियमित योगाभ्यास के जरिए स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि एनआरएलएम का उद्देश्य महिलाओं को केवल स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। सुमन की सफलता बताती है कि सही वित्तीय सहयोग और मार्गदर्शन से महिलाएं अपने हुनर को सफल उद्यम में बदल सकती हैं।







