जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। उरई, कोंच, कालपी और जालौन नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख पातालेश्वर भूलेश्वर रामेश्वर शिवालयों में भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते रहे। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर रुद्राभिषेक कराया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, पुष्प, फल और प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सावन सोमवार के साथ नाग पंचमी का संयोग होने से पर्व का धार्मिक महत्व और बढ़ गया। भक्तों ने भगवान शिव के साथ नाग देवता की भी पूजा की तथा दूध, पुष्प और पूजन सामग्री अर्पित कर सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की।
सुबह से ही विभिन्न मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार का सिलसिला चलता रहा। कई शिवालयों में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए। महिलाओं और युवतियों ने व्रत रखकर भगवान शिव की आराधना की और परिवार की खुशहाली तथा मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की। ग्रामीण क्षेत्रों में भी नाग पंचमी को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। मंदिरों के आसपास प्रसाद, पूजन सामग्री और फूल-मालाओं की दुकानें सजी रहीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से प्रमुख मंदिरों के आसपास चहल-पहल बनी रही। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का पूजन किया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। उरई, कोंच, कालपी और जालौन के प्रमुख शिवालयों एवं देवालयों के आसपास पुलिस बल तैनात रहा। पुलिसकर्मी भीड़ को नियंत्रित करने के साथ यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने में जुटे रहे। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी गई।







