भोपाल: मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आए नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने आज सोमवार को राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन किया। छात्रों ने नर्सिंग शिक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और न्यायिक प्रक्रिया के कारण पिछले करीब छह वर्षों से प्रभावित हो रहे भविष्य को लेकर नाराजगी जताई तथा मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी। प्रदर्शन में बीएससी नर्सिंग और जीएनएम के विद्यार्थी शामिल हुए। छात्रों का आरोप है कि समय पर परीक्षाएं नहीं होने, डिग्री और पंजीयन नंबर जारी नहीं होने तथा छात्रवृत्ति में देरी के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई, नौकरी और रोजगार में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों ने कहा कि नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता से जुड़ी प्रक्रिया और उसकी वैधता की जिम्मेदारी विद्यार्थियों की नहीं है। यदि किसी कॉलेज को गलत तरीके से मान्यता दी गई है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित शासन-प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की तय की जानी चाहिए। विद्यार्थियों को इसकी सजा नहीं मिलनी चाहिए। प्रदर्शनकारीयों ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल ठोस निर्णय ले। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे और मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार करेंगे।
छात्रों ने नर्सिंग मामले की जल्द से जल्द विशेष पीठ के माध्यम से सुनवाई कराकर विद्यार्थियों के हित में निर्णय लेने की मांग की। इसके साथ ही बीएससी नर्सिंग और जीएनएम के सभी श्रेणियों के विद्यार्थियों की परीक्षाएं बिना विलंब एक साथ कराने की मांग की। इसमें योग्य, अयोग्य और ग्वालियर क्षेत्र के 56 कॉलेजों के विद्यार्थी भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने बैच 2020-21 के विद्यार्थियों को दिसंबर 2026 तक डिग्री और पंजीयन नंबर उपलब्ध कराने तथा छात्रवृत्ति से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की। छात्रों ने नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और उससे जुड़ी अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन को विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।







