टोक्यो/चिबा: जापान के चिबा प्रांत में रिकॉर्ड बारिश ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई, जिसमें कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।
मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शनिवार तक जापान के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। अगले 24 घंटे में कांतो क्षेत्र में करीब 100 मिमी तक बारिश होने का अनुमान है। वहीं नागानो, यामानाशी और इज़ू द्वीपों में 80 मिमी तक बारिश की संभावना जताई गई है।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने चिबा की 22 नगरपालिकाओं के लिए जारी आपातकालीन चेतावनी को शुक्रवार सुबह हटा दिया, क्योंकि बारिश की तीव्रता कुछ कम हुई। हालांकि कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है और लोगों को जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
चिबा शहर के चुओ वार्ड में महज 12 घंटे के दौरान 367 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह मात्रा शहर में एक महीने में होने वाली सामान्य बारिश के करीब तीन गुना बताई गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इचिकावा, साकुरा और याचियो शहरों में आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में 66 वर्षीय एक महिला भी शामिल हैं, जो जलमग्न सड़क पर कार में फंस गई थीं।
भारी बारिश के कारण चिबा प्रांत में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बचाव दल ने करीब 4,000 लोगों को अस्थायी आश्रय स्थल तक पहुंचाया है। वहीं ट्रेन और बस सेवाएं प्रभावित होने के कारण नरीता हवाई अड्डे पर रातभर करीब 7,000 यात्री फंसे रहे।
ईस्ट जापान रेलवे ने कई रेल लाइनों पर सेवाएं रद्द या कम कर दीं, जबकि कुछ मार्गों पर देरी की सूचना मिली। भूस्खलन के कारण कई सड़कों और एक्सप्रेसवे को भी बंद करना पड़ा।
शुक्रवार शाम तक चिबा में करीब 18,500 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित रही। प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों, भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव को लेकर सतर्क रहने की अपील की है।







