श्रीलंका में अडानी के टर्मिनल का दूसरा चरण शुरू, क्षमता दोगुनी
Second phase of Adani's terminal in Sri Lanka begins; capacity doubled.

कोलंबो। श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या ने गुरुवार को अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल (सीडब्ल्यूआईटी) के दूसरे चरण का उद्घाटन किया। करीब 75 करोड़ डॉलर की लागत से विकसित इस चरण के शुरू होने के बाद टर्मिनल की वार्षिक क्षमता 16 लाख टीईयू से बढ़कर 32 लाख टीईयू हो गई है।

इस विस्तार से कोलंबो बंदरगाह की माल ढुलाई क्षमता को बढ़ावा मिलने के साथ हिंद महासागर क्षेत्र में श्रीलंका की समुद्री व्यापारिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। टर्मिनल वर्ष 2028 तक कोलंबो बंदरगाह के 1.3 करोड़ टीईयू क्षमता लक्ष्य का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा संभालने में सक्षम होगा।

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उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री अमरसूर्या ने कहा कि कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल की सफलता दर्शाती है कि दूरदर्शी सोच, भरोसेमंद साझेदारी और आधुनिक बुनियादी ढांचे के मेल से श्रीलंका क्या हासिल कर सकता है।

उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड समय में 20 लाख टीईयू का आंकड़ा हासिल करना और दूसरे चरण की शुरुआत करना कोलंबो बंदरगाह के साथ देश के आर्थिक भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सीडब्ल्यूआईटी जैसी परियोजनाएं रोजगार के अवसर पैदा करने, अंतरराष्ट्रीय व्यापार आकर्षित करने और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में योगदान देती हैं। इससे हिंद महासागर में प्रमुख समुद्री और लॉजिस्टिक्स केंद्र बनने के श्रीलंका के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।

क्षमता विस्तार के बाद टर्मिनल एक समय में तीन विशाल कंटेनर जहाजों को खड़ा करने में सक्षम होगा। इससे पूर्व-पश्चिम समुद्री व्यापार मार्ग पर कोलंबो की ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है।

अडानी पोर्ट्स के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्वनी गुप्ता ने इस विस्तार को कंपनी के अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई क्षमता, पूर्ण स्वचालन और गहरे समुद्र की आधुनिक सुविधाओं के साथ टर्मिनल को कोलंबो के प्रमुख ट्रांसशिपमेंट केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।

उन्होंने कहा कि परियोजना श्रीलंका के निर्यात-आयात कार्गो संचालन में योगदान देने के साथ हिंद महासागर के प्रमुख व्यापारिक गलियारे में कंपनी की उपस्थिति को मजबूत करेगी।