चंडीगढ़: स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को पंजाब यूनिवर्सिटी के सेक्टर-14 स्थित स्टूडेंट सेंटर में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की। यह अभ्यास ऑपरेशंस सेल की एसपी गीतांजलि खंडेलवाल, आईपीएस, के निर्देशन और डीएसपी ऑपरेशंस रणजोध सिंह की निगरानी में किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान स्टूडेंट सेंटर परिसर में संदिग्ध विस्फोटक उपकरण रखे होने की सूचना का कृत्रिम परिदृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही ऑपरेशंस सेल के कमांडो ने स्टूडेंट सेंटर को घेरकर परिसर को खाली करवाया और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस की एचआईटी टीम, बम डिटेक्शन स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान स्टूडेंट सेंटर के लेटर बॉक्स के पास एक डमी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किया गया। इसके बाद पूरे क्षेत्र की गहन जांच कर यह सुनिश्चित किया गया कि वहां कोई अन्य संदिग्ध वस्तु मौजूद न हो। मॉक ड्रिल में ऑपरेशंस सेल की क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी), पीसीआर यूनिट, डायल-112, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस, बम डिटेक्शन स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड, मोबाइल फोरेंसिक टीम, जिला क्राइम सेल, क्राइम ब्रांच, पुलिस पोस्ट पीयू, थाना सेक्टर-11, एसडीपीओ सेंट्रल तथा जीएमएसएच-16 और पुलिस अस्पताल सेक्टर-26 की एंबुलेंस सेवाओं सहित विभिन्न एजेंसियों ने हिस्सा लिया।
बरामद डमी आईईडी को निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सैंडबैग वाहन में रखकर पीसीआर वाहनों की पायलट और एस्कॉर्ट व्यवस्था के साथ पुलिस लाइंस सेक्टर-26 के खुले मैदान में ले जाया गया। निर्धारित एसओपी के अनुसार इसके सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद अंतिम सैनिटाइजेशन सर्च भी किया गया और मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
पुलिस के अनुसार, इस अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है। ऐसे मॉक ड्रिल नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी गंभीर सुरक्षा चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।







