
नयी दिल्ली ,01 अगस्त (वार्ता) रेलवे ने पूर्वी मध्य रेलवे के दानापुर-फतुहा रेलखंड में मल्टी-ट्रैकिंग (अतिरिक्त नयी रेल लाइनें बिछाना) के लिए 976 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी प्रदान की है। रेलवे ने शनिवार को बताया कि उन्नतीस किलोमीटर लंबे इस रेलखंड के लिए मंजूर की गयी इस परियोजना का उदे्श्य बिहार में पटना रेल गलियारे के सबसे व्यस्त हिस्सों में से एक पर भीड़ कम करना और यात्री तथा माल ढुलाई सेवाओं में भारी बढ़ोतरी के लिए जगह बनाएगा। इस परियोजना के तहत दानापुर और पटना के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी। राजेंद्र नगर और पटना साहिब के बीच तीसरी लाइन बिछाई जाएगी। पटना साहिब और फतुहा के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी। यह परियोजना शुरू के पहले वर्ष में रोज़ाना 22 अतिरिक्त यात्री ट्रेनों और 18 अतिरिक्त मालगाड़ियों के संचालन की सुविधा देगी। इससे हर साल 52 लाख टन अतिरिक्त माल ढुलाई को संभालने में भी मदद मिलेगी।
रेलवे के अनुसार यह यह परियोजना दिल्ली, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना, किउल, भागलपुर, खन्ना और हावड़ा रूट पर अतिरिक्त पटरियां बिछाने की पहल का हिस्सा है। इस मार्ग की पहचान भारतीय रेलवे के ऊर्जा, खनिज और सीमेंट गलियारे के तहत की गयी है। मज़बूत किया गया यह रेलखंड बक्सर ज़िले के चौसा में बनने वाले 2120 एमवी के ताप विद्युत संयंत्र के लिए भी बहुत ज़रूरी है, जो भारी मात्रा में ज़रूरी सामान की रेल से ढुलाई पर निर्भर करेगा। रेलवे के अनुसार यह परियोजना अधिक व्यस्त मार्गों पर क्षमता बढ़ाने, ऊर्जा और उद्योग के लिए लॉजिस्टिक्स को मज़बूत करने और बिहार के सामाजिक-आर्थिक विकास में सहयोग करने के भारतीय रेलवे के संकल्प को दर्शाती है।






