हैदराबाद: तेलंगाना में नरसमपेट के पूर्व विधायक और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के वरिष्ठ नेता पेड्डी सुदर्शन रेड्डी का शुक्रवार तड़के सिकंदराबाद के यशोदा अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह 52 वर्ष के थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि गंभीर पल्मोनरी एम्बोलिज्म एवं फेफड़ों के संक्रमण के कारण श्री रेड्डी ने रात 12:51 बजे अंतिम सांस ली। हनमकोंडा में दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें 26 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उनका जन्म छह अगस्त 1974 को तत्कालीन वारंगल ज़िले के नल्लाबेल्ली गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। राजनीति में आगे बढ़ते हुए वह तेलंगाना आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक बने। वह बीआरएस अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव के करीबी सहयोगी थे और 2001 में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) जो अब भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) है में शामिल हुए और उसी साल नल्लाबेल्ली ज़िला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र के सदस्य चुने गए।
बाद में उन्होंने पार्टी में कई अहम संगठनात्मक पदों पर काम किया और 2015 में उन्हें तेलंगाना राज्य नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 2018 के विधानसभा चुनावों में वह नरसमपेट विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। पूर्व मंत्री एरबेल्ली दयाकर ने बताया कि उनके पार्थिव शरीर को पहले हनमकोंडा में तेलंगाना शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के लिए ले जाया जाएगा और फिर उनके पैतृक गांव नल्लाबेल्ली ले जाया जाएगा, जहां आज दोपहर तीन बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा।
KCR ने अपने लंबे समय के साथी के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने तेलंगाना राज्य आंदोलन में श्री रेड्डी के योगदान को याद किया और उनके राजनीतिक सफ़र को ईमानदारी, सच्चाई एवं जनसेवा के प्रति समर्पित बताया। तेलंगाना की पंचायत राज एवंग्रामीण विकास मंत्री डॉ. दानसारी अनसूया सीताक्का ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।







