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राज्यसभा में छात्र मुद्दे पर गतिरोध, विपक्ष की चर्चा की मांग के बीच कार्यवाही स्थगित

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Rajya Sabha adjourned amid opposition's demand for a discussion on student issues

नयी दिल्ली: नीट यूजी परीक्षा लीक के विरोध में जंतर मंतर पर धरना देने और संसद मार्च निकालने वाले छात्रों तथा अन्य प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए अड़िग विपक्ष ने लगातार छठे दिन सोमवार को भी राज्यसभा में हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही बारह बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष के हंगामे के कारण मानसून सत्र में लगातार छठे दिन शून्यकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी ।


सभापति सी पी राधाकृष्णन ने विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद जैसे ही शून्यकाल शूरू करना चाहा विपक्षी सदस्यों ने जोर जोर से बोलना शुरू कर दिया। इस पर सभापति ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी बात कहने का मौका दिया। श्री खरगे ने कहा कि उन्होंने नियम 267 के तहत कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। इस पर सभापति ने कहा कि वह इस बारे में पहले ही व्यवस्था दे चुके हैं और यह व्यवस्था उनके पूर्ववर्ती और कई महान हस्तियों की सहमति पर आधारित है। इस पर श्री खरगे ने कहा कि उप सभापति कह चुके हैं कि महत्वपूर्ण तथा विरल मुद्दों पर चर्चा की अनुमति दी जा सकती है।

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श्री राधाकृष्णन ने कहा कि विरल मुद्दा वही होता है जिस पर पूर सदन की चर्चा कराने की सहमति हो। श्री खरगे ने कहा कि देश के इतिहास में छात्रों पर इस तरह की पुलिस कार्रवाई कभी नहीं हुई। विपक्ष के सदस्यों ने भी इस बीच शोर शराबा शुरू कर दिया। श्री खरगे की बात पूरी भी नहीं हो पाई थी कि सभापति ने सदन की कार्यवाही बारह बजे तक स्थगित कर दी।


शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे तथा छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर विपक्ष मानसून सत्र के पहले दिन से ही सरकार को घेरने में लगा है। इसके चलते हंगामे के कारण सत्र के पहले सप्ताह की कार्रवाई हंगामे की भेंट चढ गयी और कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका। शिक्षा मंत्री ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था लेकिन विपक्ष ने मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह के पहले दिन भी सदन में हंगामा किया जिसके चलते लगातार छठे दिन शून्यकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी।