मुंबई: सोनी सब के कलाकारों ने पहली बार खुद को टेलीविजन स्क्रीन पर देखने से जुड़ी अपनी यादें, उत्साह और भावनाएं साझा की हैं। कलाकारों ने बताया कि यह पल उनके अभिनय करियर के सबसे यादगार और भावुक अनुभवों में से एक रहा।‘यादें’ में डॉ. रौनक भाटिया की भूमिका निभा रहीं देविश आहूजा ने कहा कि पहली बार खुद को टीवी पर देखना उनके लिए अविश्वसनीय अनुभव था। उन्होंने कहा, “मुझे आज भी याद है कि मेरे माता-पिता और पूरा परिवार कितना गर्व महसूस कर रहा था, जबकि मैं खुशी के आँसुओं के साथ रो रही थी। मेरे दादा-दादी, चाचा-चाची, दोस्त, शिक्षक और सोसाइटी के लोग भी इस पल को मेरे साथ मना रहे थे। सबके चेहरों पर खुशी देखना मेरी सबसे प्यारी याद है।”
‘हस्तिनापुर के वीर’ में युधिष्ठिर की भूमिका निभा रहे अथर खान ने कहा कि पहली बार टीवी पर खुद को देखना उनके और उनके माता-पिता दोनों के लिए गर्व का क्षण था। उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता की आंखों में जो गर्व मैंने देखा, वही मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार था। शो के प्रसारित होते ही दोस्तों और रिश्तेदारों के बधाई संदेश आने लगे। यह एहसास सचमुच अविस्मरणीय है।”
‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में राशी की भूमिका निभा रहीं अक्षया हिंदालकर ने कहा कि पहली बार स्क्रीन पर खुद को देखना उनके लंबे समय से संजोए गए सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता के चेहरे पर खुशी और गर्व देखना उस उपलब्धि को और भी खास बना गया। वर्षों की मेहनत, ऑडिशन, असफलताएं और धैर्य उस पल में सार्थक लगने लगे।”
वहीं, ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में चिराग का किरदार निभा रहे नितिन बाबू ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से मुंबई आकर अभिनय के क्षेत्र में करियर बनाना उनके लिए बड़ा निर्णय था। उन्होंने कहा, “मैंने अपने पहले एपिसोड के प्रसारण से पहले परिवार को फोन कर समय बताया था। घर पर सभी लोग एक साथ बैठकर एपिसोड देख रहे थे। बाद में जब मैंने सुना कि वे मुझ पर कितना गर्व महसूस कर रहे थे, तो वह पल मेरी कल्पना से कहीं अधिक भावुक बन गया।”







