पुणे: पुणे ग्रामीण पुलिस ने दो दशक से भी अधिक पुराने बदले की एक सनसनीखेज कहानी का खुलासा किया है। पुलिस ने एक 24 वर्षीय युवक को अपने पिता की हत्या का बदला लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मामले में पीड़ित संजय बाबूराव काडू-देशमुख (40) का शव 11 जुलाई को पुणे जिले की भोर तहसील में पुराने कात्रज सुरंग के पास मिला था। पुलिस के अनुसार, संजय के शरीर पर किसी धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। इस घटना के बाद राजगढ़ पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था।
पुणे ग्रामीण पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने तकनीकी सबूतों की मदद से मंथन वैद्य (24) और सौरभ परदेशी को मुख्य संदिग्ध के रूप में पहचाना। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रमोद क्षीरसागर ने सोमवार को बताया कि दोनों को 14 जुलाई को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के दौरान उन्होंने कबूल किया कि उन्होंने अपने दो साथियों, मीजान शेख और संदीप कोरी की मदद से काडू-देशमुख की हत्या की थी। पुलिस ने बताया कि इस हत्या की वजह साल 2003 से जुड़ी है।
उस समय काडू-देशमुख ने एक मामूली विवाद में मंथन के पिता दिनेश वैद्य की हत्या कर दी थी। उस वक्त मंथन केवल छह महीने का था। सहायक पुलिस निरीक्षक चेतन मचले ने बताया कि मंथन वर्षों से अपने पिता की मौत का बदला लेने की योजना बना रहा था। उसने काडू-देशमुख को खत्म करने के लिए दूसरे आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची। सहायक पुलिस निरीक्षक चेतन मचले ने बताया कि काडू-देशमुख जब मारा गया, तब वह एक अन्य आपराधिक मामले में जमानत पर जेल से बाहर था। पुलिस ने मंथन और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले की आगे की जांच अभी जारी है।







