रियाद/दोहा: यमन के अंसार अल्लाह आंदोलन (जिसे हूती भी कहा जाता है) ने गुरुवार को सऊदी अरब को चेतावनी दी कि यदि उसने हूती नियंत्रित क्षेत्रों पर हमले जारी रखे, तो वह सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को मिसाइलों एवं ड्रोन से निशाना बनाएगा। संगठन ने यह भी कहा कि रियाद का हवाई अड्डा भी जवाबी कार्रवाई का लक्ष्य बन सकता है।
हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने अल-मसीरा टीवी से कहा, “यदि सऊदी अरब हमारे देश के खिलाफ किसी भी आक्रामक कार्रवाई में शामिल होता है, तो उसके सभी तेल प्रतिष्ठान और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं हमारी मिसाइलों और ड्रोन के निशाने पर होंगी।” उन्होंने सऊदी अरब से नाकेबंदी समाप्त करने और यमन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बंद करने की भी मांग की।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को हूतियों ने आरोप लगाया था कि तेहरान से हूती प्रतिनिधिमंडल को लेकर आ रहा विमान जब सना हवाई अड्डे पर उतर रहा था, तभी सऊदी अरब ने वहां हमला किया। इसके जवाब में हूतियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से की ओर ड्रोन और मिसाइलें दागीं।
श्री अल-हूती ने कहा, “सना हवाई अड्डे के बदले रियाद हवाई अड्डा, हवाई अड्डे के बदले हवाई अड्डा और बंदरगाह के बदले बंदरगाह—यही सही समीकरण है।” उन्होंने दक्षिणी सऊदी अरब के आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले को सना हवाई अड्डे पर किए गए हवाई हमलों की तुलना में “सीमित जवाबी कार्रवाई” बताया।







