
पन्ना: मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में लगातार हो रही बारिश से झरने और जलप्रपात पूरे सौंदर्य के साथ जीवंत हो उठे हैं। इन प्राकृतिक स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। हालांकि संभावित हादसों को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रमुख झरनों और जलप्रपातों के समीप जाने तथा सेल्फी और फोटो लेने पर आगामी दो माह के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऊषा परमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163(1) के तहत यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार प्रतिबंधित स्थलों पर अत्यधिक निकट जाने, सेल्फी लेने अथवा फोटो खींचने पर कार्रवाई की जाएगी।
बारिश के कारण पन्ना टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों के झरने इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पन्ना से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित बृहस्पति कुंड में रत्नगर्भा बाघिन नदी का जलप्रपात विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां मध्यप्रदेश और बुंदेलखंड के पहले ग्लास ब्रिज का निर्माण भी लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से किया गया है, जिसका शीघ्र उद्घाटन प्रस्तावित है।
इसी प्रकार कौआ सेहा, किलकिला कुंड, रानीपुरा सेहा, लखनपुर सेहा, कैमासन फॉल, पाण्डव फॉल, केन नदी पुल, पण्डवन तथा चांदा फॉल (सिल्वर फॉल) सहित जिले के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा।
प्रशासन ने बताया कि हाल ही में बृहस्पति कुंड में एक नर्सिंग छात्र की डूबने से मौत के बाद सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। आदेश के उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।






