Home राष्ट्रीय फिल्लौर फायरिंग केस में फरार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस को मिली बड़ी सफलता

फिल्लौर फायरिंग केस में फरार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस को मिली बड़ी सफलता

20
0
The absconding accused in the Phillaur firing case was arrested, and the police achieved a major success.

जालंधर: पंजाब में जालंधर ग्रामीण पुलिस की सीआईए स्टाफ टीम ने अक्टूबर 2025 में फिल्लौर की अटवाल कॉलोनी में प्रॉपर्टी डीलर पर हुई फायरिंग के मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी को नूरमहल क्षेत्र के गांव पसला से गिरफ्तार किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जालंधर ग्रामीण हरविंदर सिंह विर्क ने रविवार को बताया कि 18 अक्टूबर 2025 को प्रॉपर्टी डीलर मंदीप सिंह उर्फ गोरा और उनके सहयोगी संजीव शर्मा पर जानलेवा हमला किया गया था। शिकायत के अनुसार दोनों अपने कार्यालय के बाहर पार्क में बैठे थे, तभी एक थार वाहन में सवार दो युवक वहां पहुंचे। इनमें से एक की पहचान राहुल उर्फ रितिश के रूप में हुई, जिसने बातचीत के बहाने मंदीप सिंह को बाहर बुलाया और विवाद के दौरान पिस्तौल निकाल ली।


एसएसपी ने बताया कि जब संजीव शर्मा और मंदीप सिंह ने उसका विरोध किया तो राहुल ने जान से मारने की नीयत से दो गोलियां चला दीं। इनमें से एक गोली संजीव शर्मा के बाएं घुटने के ऊपर लगी। वारदात के बाद दोनों आरोपी थार वाहन में फरार हो गए।घटना के बाद थाना फिल्लौर में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान दूसरे हमलावर की पहचान अमनदीप सिंह उर्फ रमन, निवासी लक्कड़ मंडी, फिल्लौर, के रूप में हुई। मामले की जांच सीआईए स्टाफ के प्रभारी इंस्पेक्टर पुष्प बाली को सौंपी गई।
पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की तलाश जारी रखी। तीन जुलाई को सूचना मिली कि अमनदीप सिंह नूरमहल क्षेत्र में देखा गया है। इसके बाद एएसआई परविंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव पसला में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

GNSU Admission Open 2026


एसएसपी ने बताया कि आरोपी वारदात के बाद अपने साथी राहुल उर्फ रितिश के साथ फरार हो गया था और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने ननिहाल गांव पसला में छिपा हुआ था। उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा ताकि फरार आरोपी राहुल की गिरफ्तारी, वारदात में इस्तेमाल हथियार, फरारी के दौरान उपयोग किए गए वाहनों तथा अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ की जा सके।


पुलिस के अनुसार आरोपी की अवैध गतिविधियों से अर्जित चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी। साथ ही उसके आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।