रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून के सक्रिय होने के साथ शनिवार देर रात राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अनेक जिलों में जोरदार बारिश हुई, जिससे कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक मध्य एवं दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
राजधानी रायपुर में शनिवार रात लगभग आधे घंटे के दौरान 30 मिमी वर्षा दर्ज की गई। तेज बारिश के कारण टाटीबंध क्षेत्र में कई घरों में पानी घुस गया। इससे पहले शनिवार शाम हुई बारिश से मंडी गेट, बीजेपी ऑफिस तथा रोहिणीपुरम कॉलोनी सहित विभिन्न इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी थी। दुर्ग, जगदलपुर और राजनांदगांव में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार पूरे प्रदेश में मानसून अब सक्रिय हो चुका है। विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, दुर्ग, बेमेतरा तथा कबीरधाम जिलों के कुछ हिस्सों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है। लोगों से खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है।
इसके अलावा सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया तथा बलरामपुर जिलों के कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ गरज-चमक एवं वर्षा होने तथा आकाशीय बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है।
पिछले 24 घंटों के वर्षा आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक 140 मिमी बारिश बस्तर के बड़े बचेली में दर्ज की गई। इसके अलावा ओरछा और चांपा में 70-70 मिमी, कोंटा, कुटरू, भैरमगढ़, थानखम्हरिया तथा बरमकेला में 60-60 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं मलखरौदा, कोहकामेटा, शिवरीनारायण, जांजगीर, बीजापुर, सारंगढ़, गंगालूर तथा सारिया में 50-50 मिमी बारिश दर्ज हुई।
इस बीच नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. संगीता ने शनिवार देर शाम को रायपुर नगर निगम मुख्यालय में समीक्षा बैठक लेकर शहर में जलभराव, अधूरे विकास कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि, स्वच्छता व्यवस्था तथा कर्मचारियों के वेतन भुगतान की समीक्षा की।
बैठक में आर. संगीता ने बारिश के मौसम को देखते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर तत्काल सफाई कराने के निर्देश देते हुए कहा, “ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे एक ही स्थान पर बार-बार जलभराव की स्थिति न बने।”
उन्होंने राजधानी की सफाई व्यवस्था को राज्य की राजधानी के अनुरूप बेहतर बनाने, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को 100 प्रतिशत प्रभावी करने तथा कचरा परिवहन व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा पीएम स्वनिधि योजना के अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने पर भी जोर दिया गया। सचिव ने निगम के नियमित एवं प्लेसमेंट कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वार्ड प्रभारियों एवं अभियंताओं के साथ चर्चा करते हुए बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नगरीय विकास के बेहतर मॉडल का अध्ययन कराने के लिए राज्य से बाहर अध्ययन यात्रा पर भेजने की घोषणा भी की।
बैठक के बाद आर. संगीता ने सोनडोंगरी स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर, नालंदा-2 निर्माण कार्य, टाटीबंध स्थित महतारी सदन तथा नालंदा लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। उन्होंने एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की व्यवस्थाएं मजबूत करने तथा नालंदा-2 का निर्माण निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए, जबकि महतारी सदन और नालंदा लाइब्रेरी के संचालन पर संतोष व्यक्त किया।







